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पीयू के 665 होनहार बने इंजीनियर, डिग्री मिली तो खिले चेहरे

Sat, 19 Apr 2014 12:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 19 Apr 2014 12:18 PM IST
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Convocation in Punjab University, UIET

लीक से हटकर सोचने वाले युवाओं के पास ही दुनिया बदलने का मौका होता है। आईटी मार्केट में नौकरियों की कोई कमी नहीं, सिर्फ क्वालिटी मैनपॉवर की जरूरत है। युवा सिर्फ डिग्री भर पाने से अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकते।

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कुछ इस तरह की मोटिवेशनल बातों ने युवा इंजीनियरों को जिंदगी को नए नजरिये से सोचने का रास्ता दिखाया। यह विचार कारपोरेट वर्ल्ड की जानी मानी हस्ती महेंद्रा सत्यम बिजनेस डेवलपमेंट के ग्लोबल हेड मनोज चुग ने पीयू में आयोजित दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
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दीक्षांत समारोह में पीयू स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (यूआईईटी), यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल एंड इंजीनियरिंग (यूआईसीईटी) और होशियारपुर (पंजाब) स्थित यूआईईटी रीजनल सेंटर के 665 बैचलर और पोस्टर ग्रेजुएट इंजीनियर को डिग्री प्रदान की गई। इनमें चंडीगढ़ यूआईईटी के 352, यूआईसीईटी के 160 और यूआईईटी होशियारपुर के 153 विद्यार्थी शामिल थे।
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सभी इंस्टीट्यूट में पहले पांच स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को मेरिट सर्टिफिकेट से नवाजा गया। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यिूटिव डायरेक्टर अश्वनी शर्मा, प्रो. रेणू विज, प्रो. यूएस शिवहरे, प्रो. एचएस बैंस भी मौजूद थे।

ऑडिटोरियम में सीटें पड़ी कम  
तीन इंजीनियरिंग विभागों के करीब 1070 विद्यार्थियों को डिग्री के लिए बुलाया गया। लेकिन, पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में 800 के करीब ही सीटें होने से काफी दिक्कत हुई। विद्यार्थियों को बैठाने में प्रबंधकों को काफी समय लग गया। सीटें कम पड़ने के कारण डिग्री और मेरिट सर्टिफिकेट पाने वाले विद्यार्थियों को काफी देर बाहर इंतजार करना पड़ा।

टॉपर्स से बातचीत
अदिति वर्मा (गोल्ड मेडल बीई)  
सफलता पाने के लिए आम लोगों से कुछ हटकर करना पड़ता है। अदिति वर्मा पीयू के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। शुक्रवार अदिति को डिग्री से सम्मानित किया गया। शुरू से ही टॉपर अदिति ने माउंट कार्मल स्कूल से दसवीं में 91 और गवर्नमेंट मॉडल-35 से 12वीं में 85 फीसदी अंक हासिल किए। सेक्टर-41 के मकान नंबर 3167 निवासी अदिति गुड़गांव स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है। वह स्टीव जॉब्स को अपना रोल मॉडल मानती हैं। रीडिंग और टेनिस उनकी हॉबी है।

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ना सपना: अंकिता शर्मा
मेरा सपना दुनिया की नामी आईटी कंपनी गूगल या माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ना है। परिवार ने हमेशा ही मुझे बेटे की तरह आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पीयू के होशियारपुर स्थित रीजनल सेंटर में बीई दूसरे वर्ष की छात्रा अंकिता को टॉपर लिस्ट में शामिल होने पर मेरिट सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। अंबाला सिटी में सेक्टर-10 की निवासी अंकिता शुरू से पढ़ाई में अव्वल रही हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन प्रियंका ने भी बीई कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। वह स्टीव जॉब्स को अपना रोल मॉडल मानती हैं। इनके पिता अनिल शर्मा गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रेमनगर अंबाला में प्रिंसिपल हैं। अनिल शर्मा ने कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और बेटियों की उपलब्धि पर उन्हें गर्व है।   

रेगुलर पढ़ाई से मिला अच्छा रिजल्ट: प्रियंका जिंदल
पीयू केमिकल विभाग की होनहार छात्रा प्रियंका जिंदल ने दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी टीचर्स और परिवार को दिया। मां वनीता को अपना रोल मॉडल मानने वाली प्रियंका खाली समय में नेट सर्फिंग करना पसंद करती हैं। उन्होंने कहा कि पीयू से डिग्री मिलना सम्मान की बात है।
 
सेल्फ स्टडी से अहम: कनिका जोशी
यूआईईटी कंप्यूटर साइंस की छात्रा कनिका जोशी ने अपने विभाग में दूसरा स्थान हासिल किया। गुडगांव की कंपनी में नौकरी कर रही कनिका कहतीं हैं कि सेल्फ स्टडी से ही उन्हें हमेशा सफलता मिली है। सेंट स्टीफन से 10वीं में 91 और एसडी स्कूल 32 से 12वीं में उन्होंने 85 फीसदी अंक हासिल किए।


कनिका को नासा में भी एक प्रोजेक्ट पर जाने का मौका मिल चुका है। वह स्वामी विवेकानंद को रोल मॉडल मानती हैं। खाली समय में डांस करना उन्हें बहुत पसंद है।

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