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लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को

Fri, 18 Oct 2013 11:56 PM IST
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ Updated Fri, 18 Oct 2013 11:56 PM IST
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convocation in lohiya law university

डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।

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इसमें बीए-एलएलबी व एलएलएम कोर्स के करीब 500 स्टूडेंट को डिग्रियां दी जाएंगी।

इसके अलावा हर स्ट्रीम के तीन-तीन मेरिटोरियस स्टूडेंट को मेडल दिए जाएंगे। इन मेडल की संख्या करीब 15 होगी।

डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने बताया कि नॉलसार में हुई मूटकोर्ट प्रतियोगिता को जीतने वाले स्टूडेंट्स को भी इस दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव होंगे। इसके अलावा इस यूनिवर्सिटी के विजिटर और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी. सदाशिवम, उप्र के राज्यपाल बीएल जोशी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
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इस यूनिवर्सिटी का पहला शैक्षिक सत्र वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। ऐसे में इस दीक्षांत समारोह में बीए-एलएलबी कोर्स के दो बैच के स्टूडेंट और एलएलएम के तीन बैच के स्टूडेंट को डिग्रियां दिया जाएगा।
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दीक्षांत समारोह की तैयारियों के लिए कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने 18 अलग-अलग कमेटियों का गठन कर दिया है।

कितने स्टूडेंट को पदक मिलेगा और कौन सा पदक किस मेरिटोरियस स्टूडेंट को दिया जाए यह जल्द तय किया जाएगा।

ग्लोबल ट्रेडिशनल पोशाक तो गाउन है
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में अतिथि व स्टूडेंट सभी सेरिमोनियल गाउन पहनेंगे।

कुलपति से जब पूछा गया कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने राजधानी में ही बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में लखनवी चिकन के कुर्ता-पैजामा को शामिल करने की सिफारिश कर चुके हैं।


ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश भी गाउन की आलोचना कर चुके हैं। इस पर कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने कहा कि हम ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं।

केवल लखनऊ व बनारस से अपनी पहचान जोड़कर ठीक नहीं होगा। दीक्षांत समारोह में पूरे विश्व के विश्वविद्यालयों में ट्रेडिशनल पोशाक के रूप में गाउन ही पहना जाता है।

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम बेशक बहुत अच्छे इंसान हैं लेकिन गाउन के मामले में हम उनसे इत्तेफाक नहीं रखते।

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