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दीक्षांत समारोह में अब ये गाउन पहनेंगे स्टूडेंट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 27 Jul 2015 01:06 PM IST
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केंद्र सरकार देश के हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने में जुट गई है। बनारस को हथकरघा सिटी बनाने की घोषणा के बाद केंद्र सरकार अब विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में हथकरघा से बने गाउन पहनाने की तैयारी में है। यूजीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को दीक्षांत समारोह में हैंडलूम से बने गाउन पहनने पर विचार करने को कहा है।
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यूजीसी ने प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मामले पर राय देने को कहा गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी विश्वविद्यालयों से दीक्षांत समारोह जैसे मौकों पर औपचारिक वस्त्र के रूप में हैंडलूम वस्त्रों पर विचार करने को कहा है। सभी राज्यों के कुलपतियों को 15 जुलाई को इस बाबत आदेश जारी किए गए हैं।
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कुलपतियों को जारी पत्र में कहा है कि हथकरघा वस्त्र न केवल समृद्ध भारतीय संस्कृति और विरासत का अभिन्न अंग हैं, बल्कि यह लाखों ग्रामीण लोगों को आजीविका भी प्रदान करता है। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने की अपील पर अधिक बल दिया गया है। विश्वविद्यालयों से संबंध कॉलेजों को भी इन आदेशों से अवगत करवाने को कहा गया है।
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यूजीसी के सचिव डा. जसपाल एस संधु ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने और बुनकरों की कमाई में सुधार लाने पर जोर दिया है। सभी विश्वविद्यालय प्रशासनों से इस बाबत राय भी मांगी गई है।