'छुट्टी क्यों दूं...हमसे पूछ कर गर्भवती होती हैं क्या'
हरियाणा के हायर एजुकेशन के प्रधान सचिव एसएस प्रसाद विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के एक शिष्टमंडल ने बुधवार को मीटिंग के दौरान जब उनसे महिला शिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव की विसंगतियां दूर करने की मांग की तो उन्होंने जवाब दिया कि ‘हमसे पूछकर गर्भवती होती हैं क्या’?
प्रधान सचिव के इस बर्ताव के विरोध में वीरवार को 300 से ज्यादा शिक्षकों ने सेक्टर-5 के रैली ग्राउंड में धरना प्रदर्शन किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन के राज्य प्रधान संदीप खंडवाल ने कहा कि किसी भी अधिकारी का इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधान सचिव के इस व्यवहार से महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंची है। इस मामले की महिला आयोग से भी शिकायत की जाएगी। हालांकि, प्रधान सचिव ने इस आरोप को निराधार बताया है।
सैकड़ों शिक्षकों ने की कार्रवाई की मांग
प्रधान सचिव के अभद्र व्यवहार के विरोध में सैकड़ों शिक्षक रैली ग्राउंड में जुटे और आपत्तिजनक बयान देने वाले अफसर पर कार्रवाई करने के साथ-साथ अपनी अन्य मांगें भी उठाईं।
एसोसिएशन ने कालेज अध्यापकों पर वर्क लोड कम करने, प्रोफेसर के पदों पर पदोन्नत करने की भी मांग की। वे शिक्षा विभाग तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए शिक्षा सदन की तरफ बढ़ ही रहे थे कि पुलिस ने हैफेड के पास ही उन्हें रोक दिया, क्योंकि इस एरिया में धारा-144 लगी है।
पुलिसकर्मियों द्वारा समझाने के बाद प्रदर्शनकारी लौट गए और एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर अंकुर गुप्ता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
'दबाव बनाने के लिए लगा रहे आरोप'
कालेज अध्यापकों को तीन साल के लिए रूरल एरिया में सर्विस करना जरूरी है। इस अवधि के दौरान अगर कोई महिला अध्यापक गर्भवती होकर छह माह की मैटर्निटी लीव लेती हैं तो इस अवधि को रूरल एरिया में सर्विस करने के समय में नहीं जोड़ा जाता है।
यानी छुट्टी से वापस आने के बाद छह माह पूरे करने पड़ते हैं। टीचर्स एसोसिएशन की मांग थी कि इस अवधि को रूरल एरिया में काम करने के समय में काउंट किया जाए।
प्रधान सचिव, हायर एजुकेशन एसएस प्रसाद ने कहा कि कालेज टीचर्स के साथ बैठक के दौरान कई और जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। मैंने कभी किसी के विषय में ऐसी बातें नहीं कही। दबाव बनाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।