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LU: आरक्षण को लेकर उठ गए कई सवाल

Thu, 13 Nov 2014 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 13 Nov 2014 01:46 PM IST
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Controversy for reservation in M.ed admission.

लखनऊ विश्वविद्यालय की एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में आरक्षण पर सवाल खड़े हो गए हैं। विवि प्रशासन ने एलयू व तीन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में एमएड की सीटों पर दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा करवाई।

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ऑनलाइन फॉर्म भरवाए, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में आरक्षण नहीं लागू किया गया।

विवि प्रशासन का कहना है कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में आरक्षण लागू नहीं किया जाता लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी व प्राइवेट सभी कॉलेजों में आरक्षण के अनुसार दाखिले होते हैं।
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ऐसे में एमएड में यह नियम क्यों लागू हो रहा है। फिलहाल, अखिल भारतीय विद्यार्थी ने जांच की मांग उठाई है।लखनऊ विवि ने एमएड में संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई। इस समय काउंसलिंग चल रही है।
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विवि प्रशासन ने अपने यहां शिक्षाशास्त्र विभाग के लिए तो आरक्षण प्रणाली के अनुसार मेरिट बनाई लेकिन सेल्फ फाइनेंस कॉलेज, जीएसआरएम, रामा डिग्री कॉलेज व आर्यवर्त्त कॉलेज में दाखिले के लिए 105 सीटों पर बगैर आरक्षण के ही मेरिट लिस्ट बना दी।

सेल्फ फाइनेंस कोर्स में आरक्षण नहीं

Controversy for reservation in M.ed admission.

संयुक्त प्रवेश परीक्षा से एमएड में हुए दाखिलों की काउंसलिंग एलयू खुद करवा रहा है और वे सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में दाखिले की कुल फीस में से 10 हजार रुपये अपने पास ही जमा करवा रहा है।

इसके बावजूद एमएड में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में मेरिट में आरक्षण के नियम लागू नहीं होते। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में तो मैनेजमेंट कोटा चलता है।

अगर मैनेजमेंट कोटे से दाखिले होते तो खुद सीधे कॉलेज ही दाखिले क्यों न करवाते? अगर संयुक्त प्रवेश परीक्षा हो रही है और दाखिले उसी के आधार पर किए जा रहे हैं तो आरक्षण की व्यवस्था लागू क्यों नहीं किया गया?

इधर, एमएड में दाखिले की को-ऑर्डिनेटर प्रो. निधि बाला कहती है कि यूनिवर्सिटी जो एमएड में दाखिले ले रहा है, वह नियमानुसार सही हैं।

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