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कॉमर्स के स्टूडेंट पढ़ सकेंगे आर्ट्स के सब्जेक्ट

Sun, 11 May 2014 01:13 PM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 11 May 2014 01:13 PM IST
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Commerce students can study arts subject

नेशनल पीजी कॉलेज में अब पीजी कोर्सेज में पढ़ने वाले कॉमर्स के स्टूडेंट आसानी से आर्ट्स के सब्जेक्ट पढ़ सकेंगे। वहीं, आर्ट्स के स्टूडेंट अब कॉमर्स व साइंस के सब्जेक्ट आराम से पढ़ सकेंगे।

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कॉलेज नए शैक्षिक सत्र 2014-15 से स्टूडेंट्स को पीजी कोर्सेज में यह आजादी देने जा रहा है। उसने नए शैक्षिक सत्र से चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की घोषणा की है।
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इसके बाद अब पीजी कोर्सेज में स्टूडेंट्स को किसी भी स्ट्रीम में कोई भी सब्जेक्ट पढ़ने की छूट मिल जाएगी। नेशनल कॉलेज नार्थ इंडिया में पहला ऐसा संस्थान है, जो अपने यहां पर पीजी लेवल पर चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू कर रहा है।
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नेशनल पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अगर एमकॉम में कोई स्टूडेंट पढ़ रहा है, तो वह साइकोलॉजी, जियोग्राफी सब्जेक्ट का पेपर पढ़ सकता है। इसी तरह अगर स्टूडेंट एमए साइकोलॉजी में पढ़ रहा है तो वह एमकॉम व एमएससी का कोई भी पेपर पढ़ सकता है।

चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने का मकसद यह है कि स्टूडेंट्स को नॉलेज हासिल करने की पूरी छूट दी जाए। कई बार स्टूडेंट को अपना कोर्स पढ़ते-पढ़ते लगता है कि अगर वे दूसरा कोर्स पढ़ लें तो उसे कॅरिअर बनाने में और आसानी होगी।

ऐसे में हमने इस नए सिस्टम को लागू करने का निर्णय लिया है। डॉ. सिंह कहते हैं कि नार्थ इंडिया में नेशनल पीजी कॉलेज पहला ऐसा संस्थान है जो अपने यहां इस नए सिस्टम के तहत पीजी में पढ़ाई करवाने जा रहा है। 

पीजी के बाद अब आगे हमारी कोशिश होगी कि इसे यूजी लेवल पर भी लागू करवाया जाए। फिलहाल, राजधानी में एकमात्र स्वायत्त पीजी कॉलेज नेशनल पीजी कॉलेज ने अपने यहां कोर्सेज को काफी अपडेट कर रखा है।

यहां पर स्नातक (यूजी) लेवल पर स्टूडेंट्स को रीजनिंग, न्यूमेरिकल एप्टीट्यूट और एनवॉयरेमेंट अवेयरनेस जैसे कोर्स भी पढ़ाए जाते हैं। अब उसने पीजी में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करके एक और छलांग लगाई है।

हर पेपर में 20 क्रेडिट दूसरे सब्जेक्ट का पढ़ सकेंगे स्टूडेंट
नेशनल पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) में हर सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को पांच पर्चे पढ़ाए जाएंगे।

पीजी में चार सेमेस्टर होते हैं, ऐसे में उसे पांच गुना चार यानी 20 पर्चे पूरे दो साल के कोर्स में पढ़ने हैं। अब इस 20 में हर पर्चे को चार क्रेडिट यानि पूरा कोर्स 80 क्रेडिट का होगा।

इस 80 क्रेडिट में से स्टूडेंट को 20 क्रेडिट दूसरे कोर्स के सब्जेक्ट को पढ़ने की छूट होगी। प्राचार्य डॉ. सिंह कहते हैं कि क्योंकि उनके यहां पांच कोर्स पीजी में हैं ऐसे में इसमें स्टूडेंट एक दूसरे सब्जेक्ट को आसानी से पढ़ सकेंगे।


यहां पीजी में एमकॉम, एमएससी एंथ्रोपोलॉजी, एमए एंथ्रोपोलॉजी, एमए साइकोलॉजी, एमए जियोग्राफी शामिल है। इसमें स्टूडेंट एक दूसरे कोर्स के सब्जेक्ट को पढ़ सकेंगे।

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