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जमीन के फेर में फंसे कॉलेजों के नए कोर्स

Sun, 16 Feb 2014 12:46 PM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 16 Feb 2014 12:46 PM IST
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colleges are still waiting for report

राजधानी के 12 कॉलेजों में नए कोर्सेज शुरू करने के लिए मांगी गई सहयुक्तता जमीन के सत्यापन रिपोर्ट अब तक नहीं आई, जिस कारण कॉलेजों में कई कोर्सेज फंसे हुए हैं।

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जबकि लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से इन कॉलेजों की फाइलें महीनों पहले भेजी गईं थीं लेकिन अभी तक डीएम कार्यालय की ओर से इन कॉलेजों के जमीन का सत्यापन नहीं करवाया गया।
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15 फरवरी-2014 को जमीन के सत्यापन की रिपोर्ट भेजने की आखिरी तारीख थी, अब वह भी बीत गई। ऐसे में सत्यापन रिपोर्ट न आने के कारण आगे की प्रक्रिया में विलंब होगा।
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नए पाठ्यक्रम संचालन के लिए सहयुक्तता मांगने वाले 12 कॉलेजों के जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच अभी तक लटकी हुई है। 15 फरवरी-2014 रिपोर्ट भेजने की आखिरी तारीख भी बीत गई है।

नए कोर्सेज खोलने की फेहरिस्त में शामिल 12 कॉलेजों में से दो नए कॉलेज हैं, जिनमें केसीएम कॉलेज ऑफ एजूकेशन पुरसेनी-मोहनलालगंज और बीआईएम टेक डिग्री कॉलेज-बख्शी का तालाब शामिल हैं।

इन फाइलों को विवि की ओर से बीते फरवरी, मार्च, जुलाई व सितंबर 2013 और जनवरी 2014 में भेजी गया है। अब लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अमिताभ प्रकाश की ओर रिमांडर भेजा गया है, ताकि आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके।

कालीचरण पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि कॉलेज में दो नए कोर्स शुरू होने हैं लेकिन अब तक जमीन के सत्यापन की रिपोर्ट नही आई। इसके बाद शिक्षकों की भर्ती के लिए एक पैनल बनाना होगा।

उसके बाद नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के बाद ही कोर्स शुरू हो पाएंगे। डॉ. सिंह कहते हैं कि कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी) के सामने यह मुद्दा उठाया था कि आखिर 100-100 साल पुराने कॉलेजों में नया कोर्स खोलने के लिए बार-बार जमीन का सत्यापन करवाने का क्या मतलब है।


ऐसे में सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों को इससे छूट दी जानी चाहिए। बाकी सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में जमीन का सत्यापन किया जाए। इस मांग पर विचार करना तो दूर अभी तक सत्यापन की रिपोर्ट तक नहीं आई है।

कहां किस कॉलेज के लिए कितनी जमीन जरूरी
ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10000 वर्ग मीटर
नगर निगम एवं नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 5000 वर्गमीटर
लॉ कॉलेज के लिए 2000 वर्ग मीटर
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कॉलेज के लिए 5000 वर्गमीटर
नगर निगम एवं नगर पंचायत क्षेत्र में महिला कॉलेज के लिए 2500 वर्गमीटर
ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क मार्ग की चौड़ाई नौ मीटर
शहरी क्षेत्र में संपर्क मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर

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