{"_id":"80f3a8f7963eca874d8b54c76b4d93ed","slug":"clerk-recuritment-delay-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्लर्क भर्ती अधर में, आवेदकों में निराशा","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
क्लर्क भर्ती अधर में, आवेदकों में निराशा
दीपक कश्यप/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 24 Oct 2014 02:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केयू में लिपिक पद के लिए लिखित परीक्षा दे चुके आवेदक भर्ती पूरी होने की बाट जोह रहे हैं, लेकिन केयू प्रशासन भर्ती प्रक्रिया को लटका रहा है। रेगुलर भर्ती अधर में लटकी होने से न केवल आवेदनकर्ता बल्कि केयू कर्मी भी खासे परेशान हैं। शिक्षण संस्थान हों, विभाग हों या फिर परीक्षा शाखा, यहां रेगुलर कर्मियों की भारी कमी है।
विज्ञापन
आलम यह है कि केयू प्रशासन रेगुलर कर्मियों की भर्ती करने के बजाय ठेके पर लगे स्टाफ के सहारे ही काम चला रहा है। मालूम हो कि 155 लिपिक पदों के लिए केयू प्रशासन ने 15 जून को लिखित परीक्षा ली थी जिनमें बजटेड के 133 और एसएफएस (सेल्फ फाइनेंस) के 32 पद शामिल हैं।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव की घोषणा 12 सितंबर को हुई थी। ऐसे में केयू प्रशासन के पास आचार संहिता लगने से पहले भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए करीब तीन महीने का समय था लेकिन केयू ने लापरवाही बरती। केयू कुल सचिव ने दावा किया था कि आचार संहिता लगने से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
विज्ञापन
एक महीने तक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद : डा. रल्हाण
केयू कुल सचिव डा. केसी रल्हाण ने कहा कि लिखित परीक्षा हो चुकी है और अगली प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। उन्होंने लगभग एक महीने तक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद जताई।
भर्ती के बाद रद्द आवेदनकर्ताओं की फीस रिफंड :वर्मा
केयू स्थापना शाखा के सहायक कुल सचिव डीसी वर्मा ने बताया कि योग्यता पूरी न कर पाने के कारण जिन 3452 आवेदनों को रद्द किया गया है, भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी फीस रिफंड करने पर विचार किया जाएगा। हालांकि कितनी रिफंड की जाएगी, इसका निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
मूर्ख बना रहे हैं: मानसिंह
कुंटिया अध्यक्ष मानसिंह ने आरोप लगाया कि यहां उच्च पदों पर बैठे लोगों की नीयत ठीक नहीं है, ये आवेदनकर्ताओं को लूटने और मूर्ख बनाने में लगे हैं।
उन्होंने बताया कि लिपिक भर्ती पूर्ण करने के बारे में वे कुलपति तथा कुल सचिव से कई बार मिलकर प्रयास कर चुके हैं, लेकिन टकराने वाले नीति बना रखी है। इसी के हिसाब से हर रोज नए-नए बहाने बनाए जा रहे हैं।