लड़कियां उतरेंगी मैदान में तो 'ब्वॉयज शुड क्राय'
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यूपी महिला सम्मान प्रकोष्ठ और एलयू मिलकर लैंगिक भेदभाव खत्म व महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में काम करेंगे। इसके लिए विवि में सिटीजन कैडेट्स बनाए जाएंगे, जो छात्राओं, शिक्षिकाओं की समस्याएं प्रकोष्ठ तक पहुंचाने का काम करेंगे।
इन शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस महानिदेशक सुतापा सान्याल ने गुरुवार को आर्ट्स कॉलेज में लखनऊ विश्वविद्यालय और यूपी पुलिस महिला सम्मान प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किए आउटरीच कार्यक्रम के उद्घाटन पर यह बात कही।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सिटीजन कैडेट्स बनाने की शुरुआत विवि स्तर पर होगी। इसमें हर विभाग से एक छात्रा व शिक्षक नामित होंगे। बाद में यह योजना डिग्री कॉलेजों में भी शुरू की जाएगी।
हालांकि मुख्य भूमिका में लखनऊ विश्वविद्यालय ही होगा। जहां भी आवश्यकता होगी, वहां लड़कियां व महिलाओं की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। विश्वविद्यालय का मनोविज्ञान विभाग भी सहयोग करेगा।
सान्याल ने कहा ब्वॉयज शुड क्राय
सुतापा सान्याल ने कहा कि पूरी योजना के लिए वे समाज के नौ रत्न, यानी अभिभावक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, पुलिस, प्रॉसिक्यूशन, ज्यूडिशियरी, लीडर्स और मीडिया को साथ लेकर चलेंगी।
सुतापा सान्याल ने इस दौरान कहा कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर व अन्य जगह यह कैम्पेन दिखता था कि ‘ब्वॉयज डोंट क्राय’। उन्होंने कहा कि लड़कों को बचपन से यही सिखाया जाता है लेकिन अब ये सोच बदलनी होगी, दे शुड क्राय, तभी वे लड़कियों के आंसू की कीमत समझेंगे।
कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें खुशबू मौर्या प्रथम, स्पर्ष गुप्ता द्वितीय, रौशन गुप्ता तृतीय और श्रुतिश्री व सोनाली केसरवानी को सांत्वना पुरस्कार मिला।
एलयू व कॉलेजों में कुछ ऐसी टीमें तैयार की जाएंगी, जो राजधानी समेत प्रदेश के अन्य शहरों में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर व स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।
जागरूकता के साथ होगी कराटे ट्रेनिंग
संचालन कर रहे दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर राकेश चंद्रा ने महिला सम्मान प्रकोष्ठ को आश्वासन दिया कि दिसंबर, जनवरी तक यह टीमें अपना काम करना शुरू कर देंगी।
इनमें एक टीम तो तैयार भी हो चुकी है, जिसने बृहस्पतिवार को कार्यक्रम के दौरान नाट्य मंचन किया। इन टीमों के साथ कुछ समाज सेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा, जो लड़कियों व महिलाओं को उनके अधिकारों से संबंधित कानूनों की जानकारी देंगी।
यूपी कराटे एसोसिएशन के सहयोग से स्कूल, कॉलेजों व विवि में निशुल्क कराटे ट्रेनिंग व्यवस्था शुरू की गई है। बताया गया कि यदि कोई शिक्षण संस्थान छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग कराना चाहते हैं तो महिला सम्मान प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकते हैं।
आर्ट्स कॉलेज में हुए कार्यक्रम के दौरान कराटे एसोसिएशन की ओर से सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण का डिमॉन्सट्रेशन भी किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे मुसीबत में फंसी एक लड़की अपने बैग, दुपट्टे, मोबाइल आदि को हथियार की तरह प्रयोग कर सकती है।