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अनिवार्य के साथ-साथ पसंद का सब्जेक्ट पढ़ सकेंगे स्टूडेंट्स

Fri, 15 May 2015 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Fri, 15 May 2015 01:22 PM IST
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choice based credit system will implement in all india universities

यूनिवर्सिटी में चुनिंदा सब्जेक्ट की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। अब देश की सभी एफेलेटिड यूनिवर्सिटी में सीबीसीएस (च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम) लागू होने जा रहा है।

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इससे स्टूडेंट्स अनिवार्य सब्जेक्ट के साथ-साथ अपनी पसंद का एक अतिरिक्त सब्जेक्ट भी चुन सकेगा। सब्जेक्ट का बाकायदा पेपर होगा और उसके आधार पर मिलने वाली ग्रेडिंग उसके रिजल्ट के साथ जोड़ी जाएगी।
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अभी तक देश की रेजिडेंसल यूनिवर्सिटी (जिसके अधीन कोई कॉलेज न हो) में ही च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम लागू होता था। रेजिडेंसल यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को होने वाले फायदों को देखते हुए अब यूजीसी ने सभी एफेलेटिड यूनिवर्सिटी में इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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यदि कोई स्टूडेंट साइंस की पढ़ाई कर रहा है और आर्ट में भी उसकी रुचि है तो इस सिस्टम के तहत वह अतिरिक्त सब्जेक्ट के तौर पर इसका चयन कर सकता है।

एमडीयू में असमंजस की स्थिति
एमडीयू के अधीन 539 कॉलेज हैं। अभी तक प्रबंधन यह तय नहीं कर सका कि यूनिवर्सिटी में इस सत्र से सीबीसीएस लागू किया जाए या नहीं। हालांकि कुलपति सुधीर राजपाल की तरफ से इसके लिए स्थानीय स्तर पर आदेश जारी कर दिए गए हैं। फिर भी नए सत्र से शुरू होने में संशय है।


यूजीसी की तरफ से निर्देश आ चुके हैं। यूनिवर्सिटी में लागू करने के लिए दो मीटिंग की जा चुकी हैं। प्रयास किया जा रहा है कि इस सत्र से सीबीसीएस को लागू कर दिया जाए।
- डॉ. सुनीता मल्होत्रा, डीन एकेडमिक, एमडीयू

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