फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   choice base system failed in himachal colleges.

कॉलेजों में चंद विषयों तक सिमटा च्वाइस बेस्ड सिस्टम

Thu, 04 Feb 2016 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 04 Feb 2016 10:05 AM IST
विज्ञापन
choice base system failed in himachal colleges.

दो साल में प्रदेश में खुले कॉलेजों में सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) सिर्फ नाम का च्वायस बेस्ड सिस्टम ही साबित हुआ है। इन कॉलेजों में छात्र के पास च्वाइस के नाम पर मुश्किल से पांच से छह विषय ही उपलब्ध हैं, जिससे फिलहाल इस नई प्रणाली का मकसद हल नहीं हो रहा है।

विज्ञापन


कॉलेजों में सिर्फ आर्ट्स के चुनिंदा विषय ही उपलब्ध हैं। इनमें इंग्लिश, हिंदी, राजनीति शास्त्र, इतिहास और कॉलेजों में अर्थशास्त्र और कामर्स विषय पढ़ने को मिल रहे हैं। ऐसे में इस नई प्रणाली को नए खुले और खुलने वाले कॉलेजों में इसकी गाइडलाइन के मुताबिक लागू करने में अभी वर्षों का समय लगना तय है।
विज्ञापन


अपनी इच्छा के विषय पढ़ने को छात्रों को आज भी जिला मुख्यालय या फिर पुराने बड़े कॉलेजों की ओर ही रुख करना पड़ रहा है। प्रदेश भर में पिछले दो सालों में 25 नए डिग्री कॉलेज खुले हैं। इन कॉलेजों को फिलहाल किसी स्कूल या सरकारी तथा किराए पर लिए भवनों में चलाने की अस्थाई व्यवस्था ही की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेजों में जरूरत के मुताबिक शिक्षकों की तैनाती नाम मात्र ही हुई है। हाल ही में सरकार व विभाग ने चार नए कॉलेज खोलने की अधिसूचना जारी की है। इनमें कांगड़ा का रे, ऊना का चौकी, सिरमौर का कफोटा, सोलन का कंडाघाट कॉलेज शामिल है। इनमें शैक्षणिक सत्र 2016-17 में कक्षाएं बिठाने की तैयारी है।


रूसा सीबीसीएस में किए प्रावधान के मुताबिक साइंस के केमिस्ट्री मेजर के साथ राजनीति शास्त्र, इतिहास, कामर्स के साथ फिजिक्स जैसे अलग अलग संकाय के विषयों को मेजर माइनर और कंप्लसरी विषय के रूप में अपनाने की च्वाइस दी जानी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed