डूसू चुनाव : आइसा ने सीबीसीएस को बनाया हथियार
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में आइसा ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को अपना हथियार बनाया है। संगठन ने अपने मुद्दों में अकादमिक गुणवत्ता, हॉस्टल पर फोकस किया है।
आइसा ने चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए डूसू को डीयू में एक पॉजिटिव चेंज प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की है। इस बदलाव के मॉडल में अवसरों की बराबरी की उपलब्धता, ट्रांसपोर्ट, रहने के लिए जगह, पीने का पानी, लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल किए हैं।
आइसा उम्मीदवारों का कहना है कि यदि उनका पैनल जीतता है तो सीबीसीएस को रोल बैक जरूर करवाएगा। डूसू चुनावों के लिए सभी छात्र संगठनों में से सबसे पहले आइसा ने संवाददाता सम्मेलन में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया।
घोषणा पत्र जारी करते हुए डीयू आइसा अध्यक्ष अमन नवाज ने कहा कि इस पाजिटिव चेंज की मंजिल को छात्रों के सहयोग से ही पाया जाएगा।
सीबीसीएस वापस कराएगी आइसा
उन्होंने कहा कि सीबीसीएस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर अन्य छात्र संगठनों की मौकापरस्ती के खिलाफ और आइसा के अभियान को समर्थन करते हुए हजारों छात्र-छात्राएं अपनी राय पहले ही व्यक्त कर चुके हैं।
शीतल ने कहा कि डीयू में बदलाव के लिए एक मजबूत छात्रसंघ सबसे महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे छात्रसंघ की जो कि सरकारी मशीनरी, पैसे-बाहुबल का प्रयोग करने हुए डूसू पर काबिज न हो।
उपाध्यक्ष उम्मीदवार सुधांशु ने कहा कि जिस तरह से एफवाईयूपी को लेकर आइसा ने लड़ाई लड़ी थी वैसी ही लड़ाई सीबीसीएस के खिलाफ लड़ी जाएगी।
आइसा की यूनियन हर हाल में सीबीसीएस वापस करवाएगी। आइसा के सचिव पद उम्मीवार रवि कुमार ने कहा कि डीयू में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की लड़ाई को लड़ा जाएगा।