शीतकालीन परीक्षा केंद्रों में डाइट टीम रोकेगी नकल
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प्रदेश के शीतकालीन परीक्षा केंद्रों में डाइट टीम नकल को रोकेगी। डाइट की मॉनीटरिंग टीम परीक्षा केंद्रों में दबिश देकर जांच करेगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आरके परुथी और परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में 18 नवंबर से शीतकालीन स्कूलों की पहली से चौथी, छठी और सातवीं कक्षाओं की परीक्षाएं होनी हैं। अलग से केंद्र नहीं बनाए गए हैं।
दुर्गम परीक्षा केंद्रों में नकल की रोकथाम के लिए बीईओ भी दबिश देंगे। केंद्र में हर प्रकार की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे। नकल का मामला रिपोर्ट होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नकल में संलिप्त पाए जाने पर अध्यापक पर भी कार्रवाई होगी। प्रारंभिक कक्षाओं की परीक्षाओं में नकल रोकने को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक भी दबिश देंगे और नकल के मामलों पर कार्रवाई करेंगे।
दुर्गम इलाकों की वजह से नकल की संभावना ज्यादा
शीतकालीन स्कूल ऊपरी क्षेत्रों तथा दुर्गम इलाकों में होने के कारण छापामारी टीम के परीक्षा के दौरान न पहुंचने के कारण यहां नकल की अधिक संभावना रहती है। इससे निपटने को विभिन्न टीमें दबिश देंगी। इधर, डाइट मंडी की प्रधानाचार्य हेमंत शर्मा ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान शीतकालीन परीक्षा केंद्रों में दबिश के निर्देश मिले हैं।
दबिश के दौरान नकल की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जाएगी। शीतकालीन परीक्षा केंद्रों में दबिश का ब्योरा संबंधित अधिकारी तथा टीम को देना होगा। कितने परीक्षा केंद्रों में औचक निरीक्षण किया गया। नकल करते कितने परीक्षार्थी पकड़े, के बारे में रिपोर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट परियोजना निदेशक को भी भेजी जाएगी।