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यूजीसी नेट परीक्षा में भारी बदलाव
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 30 May 2014 05:44 AM IST
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) द्वारा आयोजित होने वाले नेशनल एलेजिबिलिटी टेस्ट (राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा) नेट अब बदलाव की राह पर है।
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नेट की जरूरत, पैटर्न और संभावित बदलावों पर छात्र, शिक्षक, शिक्षाविद्, शैक्षिक व्यवस्थापक समेत सभी लोगों से ऑनलाइन फीडबैक मांगा गया है। दस बिंदुओं पर राय दी जा सकती है।
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फीडबैक अपने ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर के आधार पर सिर्फ हां या ना के रूप में देना होगा। इसमें पहला ही सवाल नेट की उपयोगिता से जुड़ा है, जिसमें पूछा गया है कि हायर एजूकेशन के टीचिंग प्रोफेशन में एंट्री के लिए नेट प्रभावी है या नहीं।
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इस प्रक्रिया में नेट के पैटर्न में बड़ी तब्दीली के लिए भी विचार किया गया है, जिसमें नेट को स्क्रीनिंग टेस्ट और मेन सब्जेक्ट के रूप में दो हिस्सों में बांटने पर भी राय ली जा रही है।
दरअसल, नेट साल में दो बार आयोजित किया जाता है। कुछ साल पहले निगेटिव मार्किंग शुरू की गई थी, जिसे बीच में बंद कर दिया गया था। दो साल पहले पेपर पैटर्न और मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया था।
फीडबैक के महत्वपूर्ण बिंदु
- नेट में आयु सीमा होनी चाहिए या नहीं
- पेपर के बहुविकल्पीय प्रश्नों में निगेटिव मार्किंग
- सभी विषयों में एक जैसी कटऑफ रखी जाए या नहीं
- मास्टर डिग्री के फर्स्ट ईयर वालों को भी नेट देने की छूट
- मौजूदा पेपर पैटर्न में बदलाव किया जाए या नहीं
- नेट दे सकने की निर्धारित संख्या तय हो