उत्तराखंडः प्रिंसिपलों की भर्ती में हुआ ये बड़ा बदलाव
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उत्तराखंड के सरकारी इंटर कॉलेजों में प्रिंसिपल बनने के लिए अब पोस्ट ग्रेजुएट करना अनिवार्य होगा। डिप्लोमा और प्रशिक्षण भी अनिवार्य किया जा रहा है।
इस प्रस्तावित राज्य शैक्षिक सेवा नियमावली को मंजूरी मिली तो 50 साल की उम्र पार कर चुके नॉन पीजी कई हेड मास्टरों का प्रिंसिपल बनने का सपना टूट जाएगा।
सरकारी इंटर कॉलेजों के प्रिंसिपलों के लिए ग्रेड एक और दो की व्यवस्था के साथ ही इन पदों के लिए अभ्यर्थियों की अर्हता में भी संशोधन किया जा रहा है। प्रस्तावित नियमावली में प्रधानाचार्य ग्रेड दो के पद के लिए पीजी को अनिवार्य किया गया है।
50 साल की उम्र पार कर चुके वे हेड मास्टर जो नॉन पीजी हैं और प्रिंसिपल बनने का सपना संजोए बैठे हैं, वे प्रिंसिपल के ग्रेड दो तक नहीं पहुंच पाएंगे। वही प्रधानाचार्य ग्रेड एक के लिए विभागीय प्रशिक्षण एवं डिप्लोमा अनिवार्य किया जा रहा है।
प्राप्त करनी होगी यह उपाधि
इस पद के लिए अभ्यर्थी को पीजी, बीएड, डीपीएड या समकक्ष उपाधि प्राप्त करनी होगी। वर्तमान में कई हेड मास्टर नॉन पीजी हैं, विभाग में 16 साल तक सहायक अध्यापक एलटी और दस साल तक प्रवक्ता के पद पर सेवा पूरी करने के बाद यह हेड मास्टर बने हैं।
यह प्रस्तावित नियमावली है, अभी कुछ फाइनल नहीं है, कार्मिक विभाग और फिर कैबिनेट में प्रस्ताव के बाद ही नियमावली फाइल होगी।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा
प्रदेश में कई शिक्षक पीजी नहीं होने पर भी हेडमास्टर बने हैं, इस नियमावली को मंजूरी मिली तो 55 साल से अधिक उम्र के यह हेड मास्टर प्रिंसिपल नहीं बन पाएंगे।
- एसएस बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन