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फरमान: 2 हजार रुपये दो, स्कूल बसों में GPS सुविधा लो
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 20 May 2015 10:36 AM IST
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स्टेपिंग स्टोंस स्कूल की बस में बच्ची से छेड़छाड़ के बाद एक तरफ जहां चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए एक जुलाई से बसों में जीपीएस, सीसीटीवी और लेडी अटेंडेंट रखने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों ने इसका सीधा-सीधा बोझ पैरेंट्स पर डालना शुरू कर दिया है।
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स्कूलों की तरफ से पैरेंट्स को रुपये जमा करवाने के लिए चिट्ठियां भेजी जा रही हैं। इसमें पैरेंट्स से निश्चित समय में वार्षिक फीस के रूप में 2 से 3 हजार रुपये जमा करवाने को कहा गया है, जबकि कई स्कूलों ने प्रतिमाह फीस 100 से 200 रुपये तक बढ़ा दी है।
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चिट्ठी में स्कूल ने साफ कर दिया है कि वह इस नए खर्च का बोझ नहीं उठा सकता। सुरक्षा आपके बच्चे की है तो खर्च भी आपको ही उठाना होगा। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल ने पैरेंट्स को लेटर जारी कर जीपीएस, सीसीटीवी और लेडी अटेंडेंट रखने की एवज में 2 हजार रुपये 10 अगस्त तक जमा करवाने को कहा है।
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लेटर में प्रशासन की नई पॉलिसी का जिक्र भी किया गया है। सेंट जोंस स्कूल पहले ही अपनी सभी बसों में जीपीएस और सीसीटीवी लगा चुका है। इसके लिए स्कूल ने ट्रांसपोर्ट फीस 100 रुपये प्रतिमाह बढ़ा दी है।
एसटीए का अभियान जारी
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने मंगलवार को स्कूल बसों और ऑटो पर शिकंजा कसते हुए चालान किए। एसटीए इंस्पेक्टरों ने अलग-अलग टीमें गठित कर कई जगह नाकेबंदी की। टीम ने कुल 30 से अधिक चालान किए। एसटीए के अनुसार आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
स्कूल की सभी बसों में पहले ही जीपीएस और सीसीटीवी लगाए जा चुके हैं। पैरेंट्स स्कूल के इस कदम से काफी खुश हैं। वे खुद कई बार बच्चों की सुरक्षा के लिए इस पर बात कर चुके थे। इसके लिए सिर्फ 100 रुपये प्रतिमाह चार्ज किया जा रहा है।
- कविता दास, प्रिंसिपल, सेंट जोंस स्कूल, सेक्टर-26
जीपीआरएस और लेडी अटेंडेंट पहले से बसों में हैं। सीसीटीवी का प्रपोजल भी बन चुका है। पैरेंट्स से कितना खर्च लेना है यह निर्णय कमेटी लेगी। यदि जरूरत नहीं हुई तो पैरेंट्स पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
- रीमा दीवान, डीपीएस, सेक्टर-40
अभी प्रशासन से गाइडलाइंस नहीं आई हैं। आने के बाद इन पर काम शुरू हो जाएगा। नए सिस्टम को लागू करने पर जो भी खर्च आएगा, उसका कुछ हिस्सा पैरेंट्स को अदा करना होगा।
- डॉ. राकेश सचदेवा, प्रिंसिपल, डीएवी स्कूल, सेक्टर-15
अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए कुछ फीस यदि देनी भी पड़ती है तो कोई बड़ी बात नहीं है। थोड़ा तो एडजस्ट करना ही पड़ेगा। लेकिन बसों में ये सुविधाएं देनी ही होंगी।
- सर्वजीत सिंह, वित्त एवं शिक्षा सचिव, यूटी चंडीगढ़