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बच्चे पढ़ाई में कमजोर तो नपेंगे सीईओ और डायट प्राचार्य
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 02 Feb 2016 03:16 PM IST
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उत्तराखंड शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि बच्चे यदि निर्धारित शैक्षिक स्तर से कमजोर हैं तो इसके लिए संबंधित सीईओ और डायट प्राचार्य जिम्मेदार होंगे। शिक्षा सचिव एसएसए कार्यालय में आयोजित तीन दिवसीय गणित क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् व सर्व शिक्षा अभियान की ओर से एसएसए कार्यालय में गणित क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला शुरू की गई है। मुख्य अतिथि शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के शैक्षिक स्तर में सुधार के प्रयास किए जाएं।
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बच्चों की निर्धारित शैक्षिक स्तर की प्राप्ति अनिवार्य की गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं समस्त डायट प्रत्येक बच्चे के अकादमिक रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे। यदि बच्चा किसी विषय में कमजोर पाया जाता हैं तो इसके लिए संबंधित उत्तरदायी होंगे। शिक्षा सचिव ने हर महीने बीआरसी और सीआरसी के कार्यों का भी अनिवार्य रूप से विश्लेषण करने के निर्देश दिए।
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शिक्षा सचिव ने कहा कि कार्यशाला ‘पढ़े भारत बढ़े भारत’ अभियान के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य कक्षा एक और दो के बच्चों के गणितीय ज्ञान में गुणवत्ता लाना है। इसके लिए प्रदेश के 50 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर बनाकर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
कार्यशाला में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना, अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान डा. मुकुल कुमार सती, एनसीईआरटी की सलाहकार आंचल अरोड़ा, छवि कटारिया, सौरभ, सुनीता मिश्रा, अत्रेय सयाना, बीपी मैंदोली, अरुण बिष्ट मौजूद रहे।