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स्टूडेंट्स में दिखी भविष्य के नेताओं की झलक

Tue, 29 Oct 2013 02:32 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Tue, 29 Oct 2013 02:32 AM IST
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central school organise yuva sansad

महिलाओं पर हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। महिला सुरक्षा ही नहीं देश की आंतरिक सुरक्षा भी हाशिए पर है।

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नक्सली हमले से आए दिन आम जनता और जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। इस मामले में भी सरकार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है।

विपक्ष के इन हमलों के जवाब में सरकार ने अपने बचाव में इस योजना में खर्च किया जा रहा बजट और आंकड़े पेश किए। लेकिन विपक्ष ने सरकार के तर्कों को खारिज करते हुए आंकड़ों को झूठा करार दिया।
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यह नजारा दिखा सोमवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में। संगीत नाटक अकादमी में हुए आयोजन में स्टूडेंट्स ने अपनी तर्क क्षमता का प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया।
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नई दिल्ली जोन के केंद्रीय विद्यालय सैनिक विहार कॉलोनी के बच्चों ने देश की समस्याओं और चुनाव सुधार के मुद्दों पर सवाल दागते हुए सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की।

इसके बाद विपक्ष ने नक्सली और चीन की समस्याओं का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार की गलत नीतियों के कारण न नक्सली समस्या सुलझ रही है और न ही चीन से सीमा विवाद।

सरकार ने खर्च किए जा रहे बजट और सुधार के लिए अपने आंकड़े भी बताए। पर विपक्ष ने उनकी एक न सुनी। इस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई पर किसी पक्ष ने मर्यादा नहीं लांघी।

गर्मा-गर्म बहस के बीच स्पीकर ने हस्तक्षेप करके दोनों पक्षों को शांत कराया। संसद में फिल्म और सीरियलों के माध्यम से महिलाओं की छवि बिगाड़ने का मामला भी उठा।

इस पर सदस्यों ने सेंसर बोर्ड की तरह टीवी के लिए भी सेंसर बोर्ड बनाने का प्रस्ताव रखा।

टीम में स्पीकर की कुर्सी कोमल मल्होत्रा ने संभाली। जबकि कानून मंत्री के रूप में तनीषा और गृहमंत्री के रूप में मुक्ति ने विपक्ष के हमलों का बचाव किया।

इसके बाद केंद्रीय विद्यालय पिथौरागढ़ की टीम ने सदन में उत्तराखंड त्रासदी का मामला उठाया। केंद्र सरकार ने आपदा में बचाव के लिए एक हजार करोड़ रुपए देने के साथ ही वायु सेना की मदद से 22 हजार लोगों की जान बचाने का आंकड़ा पेश किया।

इस पर विपक्ष ने सरकार के आंकड़ों झूठा करार दिया। दोनों पक्षों में मामला बढ़ा तो अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में लखनऊ, पटना, जम्मू-कश्मीर, देहरादून और दिल्ली जोन की टीमों ने भाग लिया।


पहले दिन युवा संसद में देहरादून जोन के केंद्रीय विद्यालय पिथौरागढ़, नई दिल्ली जोन से केंद्रीय विद्यालय सैनिक विहार कॉलोनी और पटना जोन से केंद्रीय विद्यालय गया की टीमों ने प्रस्तुति दी।

मंगलवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर और लखनऊ जोन से केंद्रीय विद्यालय कानपुर चकेरी की टीमें अपनी प्रस्तुति देंगी।

इससे पहले सोमवार को कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद रणवीर सिंह ने किया। मंगलवार को प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीम की घोषणा की जाएगी।

विजेता टीम को दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा।

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