फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   central government decides 129 courses for UGC

नई डिग्रियों को UGC की ना, अब केवल 129 कोर्स मान्य

Wed, 06 Aug 2014 09:51 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 06 Aug 2014 09:51 AM IST
विज्ञापन
central government decides 129 courses for UGC

देश की किसी भी यूनिवर्सिटी या महाविद्यालय में अब फैंसी और मनगढ़ंत कोर्स नहीं चलेंगे।

विज्ञापन


यूजीसी की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने 129 शैक्षिक डिग्रियों के नाम तय कर दिए हैं। इनसे इतर जितनी भी डिग्रियां चल रही हैं, वह तत्काल बंद कर दी जाएंगी।

यही नहीं, नई डिग्रियां शुरू करने के लिए सरकार, प्राइवेट या डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए यूजीसी को ठोस वजह बतानी होगी। इस बाबत केंद्र सरकार ने जुलाई में गजट नोटिफिकेशन जारी कर दी है।

नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

central government decides 129 courses for UGC

सरकार ने कई कोर्स में प्रवेश की अर्हता बदल दी है। अब किसी भी विवि में 129 के अलावा नई डिग्री नहीं शुरू होगी, जब तक उसके सशक्त और तर्कपूर्ण कारण न हो।

उल्लंघन पर यूजीसी मामले की जांच करेगी। फिर वेबसाइट पर ऐसे कॉलेज और यूनिवर्सिटीज की लिस्ट, उनके अमान्य कोर्सेज के साथ डाल देगी।

एलएलबी के लिए सिर्फ स्नातक जरूरी
नोटिफि केशन के मुताबिक अब किसी भी स्ट्रीम का स्नातक तीन वर्षीय एलएलबी कर सकता है।

एलएलएम अब दोबारा दो साल का होगा। दाखिले के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी होगी। सरकार ने वर्ष 2013 में एलएलएम की अवधि एक साल कर दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इंटिग्रेटेड कोर्स का फायदा खत्म

central government decides 129 courses for UGC

सरकार ने इंटिग्रेटेड कोर्स में मिलने वाली छूट खत्म कर दी है। अब तक किसी भी विषय में इंटिग्रेटेड कोर्स करने वाले छात्रों को एक साल का लाभ मिलता था।

मसलन किसी को बीए-एलएलबी करनी है तो उसे बीए के तीन और एलएलबी तीन साल के बजाय यह डिग्री पांच साल में मिल जाती थी। अब छात्र को पूरे छह साल खर्च करने होंगे।

इसका असर देश के 15 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज पर पड़ेगा। वहां एक साल का एलएलएम और पांच साल के इंटिग्रेटेड एलएलबी कोर्स चल रहे हैं।

इंजीनियरिंग भी अछूता नहीं
इन दिनों इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा फैंसी कोर्स चल रहे हैं। मगर सरकार ने साफ किया है इंजीनियरिंग में अब बीटेक, बीई, एमटेक, एमई, बी आर्क, एमआर्क, बी प्लान, एम प्लान, बीआईडी, एमआईडी, बी डिजाइन और एम डिजाइन कोर्स ही चलेंगे।

विज्ञापन

यह हैं 12 महत्वपूर्ण बदलाव

central government decides 129 courses for UGC

1. बैचलर ऑफ जर्नलिज्म कोर्स अब एक साल का होगा। इसके लिए प्रवेश अर्हता स्नातक होगी।
2. मास्टर ऑफ जर्नलिज्म कोर्स भी एक साल का होगा। अर्हता किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की जगह सिर्फ बीजे कर दी गई है।
3. बी.लिब/बी.लिब-आई साइंस कोर्स अब एक साल का। अर्हता ग्रेजुएशन होगी।

4. एम.लिब दो के बजाय एक साल का होगा। प्रवेश अर्हता बी.लिब होगी।
5. एम.लिब आई साइंस भी एक साल का। अर्हता बी.लिब आई साइंस होगी।
6. बीसीएल को एलएलबी सिविल लॉ या कॉमर्शियल लॉ माना जाएगा।

7. बीजीएल को एलएलबी जनरल लॉ, बीएल को एलएलबी, एमएल को एलएलएम और डीएल को एलएलडी के रूप में माना जाएगा।
8. बीबीएस/बीबीएम/बीबीई को बीबीए या बीकॉम या बीकॉम ऑनर्स माना जाएगा।

9. बीआईबीएफ को बीबीए या बीकॉम इंटनेशनल बिजनेस, एमएफएम/एमएफसी को एमबीए फाइनेंशियल मैनेजमेंट माना जाएगा।
10. होटल मैनेजमेंट का बीएचटीएम अब बीएचएम या बीएचएमसीटी होगा। 11. बीटीए को बीबीए टूरिज्म एंड ट्रेवल और एमटीए को एमबीए टूरिज्म एंड ट्रेवल माना जाएगा।

12. मेडिकल में बीएएम को बीएएमएस, बी नेट आयुर्वेद को बीएनवाईएस, बी नेट यौगिक को बीएनवाईएस, एमएएमएस को एमडी आयुर्वेद, एमएचएमएस को एमडी होम्यो, एमयूएमएस को एमडी यूनानी, एमएस फार्म को एम फार्म, बीएस ट्रामा को बीएससी ट्रामा और एमएई को एमएससी एपिडिमाइलॉजी माना जाएगा।

सरकार ने लागू किए नियम

central government decides 129 courses for UGC

सरकार ने नियम लागू कर दिया है, लेकिन असमंजस यह है कि नए सत्र के लिए एक वर्षीय एलएलएम और पांच वर्षीय इंटिग्रेटेड एलएलबी में दाखिले और कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
- डॉ. राजेश बहुगुणा, प्राचार्य, लॉ कालेज, प्रेमनगर

गजट नोटिफिकेशन से उन यूनिवर्सिटीज को बदलाव करने होंगे, जहां अनोखे इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट कोर्स चल रहे हैं। तय फॉर्मेट से अलग नाम नहीं रख सकते, अच्छी पहल है।
- डॉ. आशीष उनियाल, उपकुलसचिव, यूटीयू

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed