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रैगिंग रोकने के लिए लगाने ही होंगे सीसीटीवी कैमरे
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 25 Apr 2014 03:52 AM IST
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शैक्षिक संस्थानों में लगातार हो रही रैगिंग की घटनाओं को यूजीसी ने गंभीरता से लिया है।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी शैक्षिक संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां सीसीटीवी कैमरे से लेकर वे सारे प्रयास करें, जिससे रैगिंग को रोकने में सहायता मिले।
इसके साथ ही यूजीसी ने अभिभावकों और स्टूडेंट्स को रैगिंग निरोधी एजेंसी के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों में तमाम कोशिशों के बावजूद रैगिंग की घटना नहीं रुक रही है।
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इससे पहले यूजीसी ने रैगिंग रोकने के लिए एक रैगिंग निरोधी एजेंसी भी बनाई है।
उच्च शिक्षण संस्थानों को उनके यहां रैगिंग निरोधी समिति बनाने का निर्देश काफी पहले जारी कर दिया गया था।
काफी स्थानों पर इसका पालन भी हो रहा है। इसके बावजूद आए दिन रैगिंग की घटनाएं हो रही हैं।
कई बार रैगिंग के कारण स्टूडेंट्स आत्महत्या तक कर रहे हैं।
ऐसे में यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को उनके यहां सीसीटीवी कैमरे, आपात घंटियां लगाने के लिए कहा है।
इसके साथ ही सूचना पुस्तिकाओं, विवरिणकाओं का बंदोबस्त करने के लिए भी कहा गया है।
शैक्षिक संस्थानों से उन स्थानों को विशेष रूप से देखने को कहा है, जहां रैगिंग जैसी घटनाएं बराबर घट रही हैं।