CCSU: 80% से अधिक हुए अंक तो होगी जांच
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नोएडा की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) ने मौजूदा सत्र 2013-14 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए खास दिशा-निर्देश तैयार किए हैं।
इसके अनुसार 80 फीसदी या अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों या किसी भी तरह की शिकायत विवि को प्राप्त होने की दशा में प्रयोगात्मक परीक्षा में दिए गए अंकों की जांच हो सकती है। ये जांच खुद यूनिवर्सिटी के वीसी की निगरानी में कराई जाएगी।
विवि द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए एक बैच में सिर्फ 150 छात्र ही मान्य होंगे। यानी एक परीक्षक सिर्फ 150 छात्रों की ही परीक्षा लेगा। कॉलेज में इससे ज्यादा छात्र हैं तो दूसरा परीक्षक नियुक्त कराना होगा।
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दोनों परीक्षकों को बराबर संख्या में छात्रों को परीक्षा लेने का अधिकार दिया जाएगा। बैच बदले नहीं जाएंगे। परीक्षकों की सूची विवि द्वारा जारी की जा चुकी हैं। सूची से ही परीक्षक नियुक्त होंगे। इसके अलावा कॉलेजों को आंतरिक परीक्षक नियुक्त करने की इजाजत होगी।
इसके लिए वरीयता तय कर दी गई है। इसमें यूजीस्तर पर तीन वर्ष और पीजी स्तर पर शिक्षक को पांच वर्ष का अनुभव होना जरूरी है। ट्यूटर, अस्थाई शिक्षक, या विजिटिंग फैकल्टी से प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी।
दूसरी ओर, इन परीक्षाओं में सिर्फ मुख्य परीक्षाओं के छात्र शामिल होंगे, बाकी छात्रों की परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। मुख्य परीक्षाओं से पहले प्रैक्टिकल समाप्त कराने होंगे। एक सप्ताह के अंदर अंकों का ब्योरा विवि को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।