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सीबीएसई में पास होने की राह हुई कठीन

Tue, 24 Sep 2013 10:52 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Sep 2013 10:52 AM IST
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CBSE will change grading pattern

सीबीएसई की ग्रेडिंग प्रणाली को पास होने का आसान तरीका माना जाता रहा है, लेकिन अब ग्रेडिंग की राह आसान नहीं होगी।

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बोर्ड ने ग्रेडिंग परीक्षा पैटर्न में कई बड़े परिवर्तन कर दिए हैं। अब छात्र को सालभर की परीक्षा नहीं बल्कि हर छह माह पर होने वाली परीक्षा के आधार पर आंका जाएगा। बोर्ड ने हाल ही में कांटीन्यूअस एंड कांप्रिहेंसिव इवेल्यूएशन(सीसीई) में परिवर्तन का सर्कुलर जारी किया है।

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इसके मुताबिक ग्रेडिंग में दोनों टर्म की कुल परफॉर्मेंस के बजाए अलग-अलग परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोशन होगा। एक टर्म में प्रमोट होने के लिए छात्र को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। मसलन, नौंवी में प्रथम टर्म के फॉर्मेटिव असेसमेंट(एफए) 1, फार्मेटिव असेसमेंट 2 और समेटिव असेसमेंट(एसए) 1 में कुल मिलाकर 33 प्रतिशत अंक और द्वितीय टर्म के फॉर्मेटिव असेसमेंट 3, फॉर्मेटिव असेसेमेंट 4 और समेटिव असेसमेंट 2 में भी छात्र को अलग से 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
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अभी तक के नियम के मुताबिक दोनों टर्म के कुल मिलाकर 33 प्रतिशत अंक आगामी कक्षा में प्रमोशन का आधार बनता था। खास बात यह भी है कि दोनों समेटिव असेसमेंट में छात्र को 25-25 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। एसए के तहत टर्म के अंत की परीक्षाएं शामिल होती हैं जबिक एफए में छात्र द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट, ग्रुप डिस्कशन और दूसरे कार्य आते हैं।


दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्राचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि हाल ही में उन्हें बोर्ड का सर्कुलर प्राप्त हो गया है। अब इसके तहत ही तैयारी कराई जा रही है।

मिलेगा एक मौका
ग्रेडिंग में मानकों से कम अंक लाने वाले छात्र को परफॉर्मेंस सुधारने का एक मौका दिया जाएगा। यह मौका छात्र को उस टर्म का रिजल्ट आने के एक माह के भीतर मिलेगा। बोर्ड का यह नया नियम नौंवी के लिए वर्ष 2013-14 और दसवीं के लिए वर्ष 2014-15 से प्रभावी होगा।

एसए 1 में फेल हुए छात्र को हर साल अक्तूबर और एसए 2 में फेल हुए छात्र को हर साल मार्च माह में दोबारा परीक्षा का मौका मिलेगा।

खिलाड़ियों को छूट
राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन में प्रतिभाग करने जा रहे खिलाड़ी को किसी एक समेटिव असेसमेंट परीक्षा में छूट दी जाएगी लेकिन इसके लिए बोर्ड की अनुमति अनिवार्य होगी। ऐसे खिलाड़ी छात्र का केवल एक एसए ही पूरे साल की परफॉर्मेंस का आधार बन जाएगा।

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