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भारतीय भूगर्भ बाजार पर CBSE बोर्ड की नजर
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Feb 2014 01:08 PM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भूगर्भ तकनीक (जियोस्पेतियल टेक्नोलॉजी) कोर्स को ज्यादा स्कूलों में शुरू करने की योजना तैयार की है।
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इसी कड़ी में बोर्ड 26 फरवरी को पंचकूला में प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए एक विशेष जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन कर रहा है। इसमें भूगोल और आईटी पृष्ठभूमि से जुड़े टीचरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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बोर्ड ने 2011-12 सत्र के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ स्कूलों ये पाठ्यक्रम शुरू किया था। इसके लिए जियोस्पेतियल सॉल्यूशन कंपनी रोल्टा इंडिया लिमिटेड से मदद ली गई।
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फिलहाल इसे कुछ ही स्कूलों में एकल वोकेशनल इलेक्टिव विषय के रूप में अन्य विषयों के साथ लेकर या फिर अतिरिक्त छठे विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है।
भारतीय भूगर्भ बाजार उल्लेखनीय ढंग से तरक्की कर रहा है। ऐसे में भूस्थानिक इंडस्ट्री (निजी और सार्वजनिक) में प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत है।
स्कूली स्तर पर ही छात्रों को जानकारी मिलने से उन्हें करियर बनाने में दिक्कत नहीं होगी। बोर्ड का मानना है कि विस्तार देने से पहले प्रिंसिपल और टीचरों को इसकी बारीकियों के संबंध में जानना जरूरी है।