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CBSE के स्टूडेंट 11वीं में दाखिले से पहले पढ़ें बेहद अहम खबर

Mon, 25 May 2015 12:28 PM IST
अमित भारद्वाज /अमर उजाला, हिसार
अमित भारद्वाज /अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 25 May 2015 12:28 PM IST
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cbse students cannot change stream in 11th class

सीबीएसई स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावक जरा सावधान हो जाएं। 11वीं कक्षा में उनका एडमिशन कराने से पहले यह कन्फर्म कर लें कि उन्हें अपने बच्चे का दाखिला किस संकाय (स्ट्रीम) में कराना है। क्योंकि 12वीं कक्षा में वह अपने संकाय में किसी तरह का बदलाव नहीं कर सकेगा। उसे उसी संकाय में ही 12वीं कक्षा की परीक्षा देनी होगी, जो संकाय उसने 11वीं कक्षा में चुनी थी।

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मौजूदा सत्र से लागू होगा फैसला
बोर्ड ने मौजूदा सत्र से यह फैसला लागू किया है। इस फैसले के तहत अगर कोई विद्यार्थी 11वीं कक्षा में मेडिकल या नॉन मेडिकल संकाय चुनता है और 11वीं कक्षा उसी संकाय में पास करता है। मगर विद्यार्थी को यह लगता है कि यह संकाय ज्यादा हार्ड है और वह 12वीं कक्षा में इस संकाय को नहीं चला सकेगा।
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बोर्ड के नए फैसले के मुताबिक वह विद्यार्थी 12वीं कक्षा में किसी अन्य संकाय का चुनाव नहीं सकता। अगर उसके पास 11वीं में मेडिकल संकाय था, तो उसे 12वीं कक्षा भी मेडिकल संकाय में ही पास करनी पड़ेगी।

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ऐसा फैसला लेने की यह रही वजह

cbse students cannot change stream in 11th class

बोर्ड के इस फैसले के पीछे वजह यह मानी जा रही है कि दसवीं पास करने के बाद ज्यादातर विद्यार्थी कंफ्यूज रहते हैं कि उन्हें 11वीं कक्षा में कौन सा संकाय चुनना है। ज्यादातर मामलों में या तो अभिभावक तय करते हैं कि उनका बच्चा 11वीं कक्षा में कौन सा संकाय लेगा या फिर विद्यार्थी अपने सहपाठियों को फॉलो करते हैं। बोर्ड की मानें, तो यह फैसला करने से पहले अभिभावकों को अपने बच्चों से उनकी पसंद के बारे पूछना चाहिए। साथ ही बच्चे की पूरी तरह काउंसिलिंग हो, ताकि उसे सभी संकायों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके और वह अपना फैसला सही ढंग से ले सके।

विषयों में कर सकेंगे बदलाव
बोर्ड का यह फैसला सिर्फ संकाय पर ही लागू होगा। मगर यदि कोई विद्यार्थी अपने विषयों में बदलाव करना चाहता है, तो वह कर सकेगा। आर्ट्स संकाय में विषयों की संख्या काफी ज्यादा होती है। इस स्थिति में विद्यार्थी को यह लगता है कि 11वीं कक्षा में उसके पास जो विषय थे, वे उसकी पसंद के मुताबिक नहीं है, तो वह 12वीं कक्षा में उन विषयों की जगह दूसरे विषयों को चुन सकता है।

बोर्ड की तरफ से जारी किया गया यह सर्कुलर हमें मिल चुका है। इस फैसले से यह फायदा होगा कि अभिभावक और खुद विद्यार्थी 11वीं कक्षा में एडमिशन लेने से पहले अच्छी तरह विचार-विमर्श करेंगे, जो कि एक अच्छी बात होगी।
- डॉ. केसी चतुर्वेदी, प्रिंसिपल, ठाकुरदास भार्गव सीनियर सेकेंडरी स्कूल

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