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पढ़ाई ऐसी जो दिलाएगी अधिक अवसर
अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 24 Mar 2014 11:12 PM IST
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरमैन विनीत जोशी ने कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र इस सत्र से नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क स्कीम के तहत चार रोजागारोन्मुखी कोर्स पढ़ सकेंगे।
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अधिकतर स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पुराने ढर्रे को बदलने और नई जानकारी देने के मकसद से शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए कई शहरों में आठ ट्रेनिंग स्कूल भी खोले जाएंगे।
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एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में आए सीबीएसई के चेयरमैन ने मनमानी फीस के बारे में कहा कि स्कूल प्रबंधकों को अपने स्कूल में मौजूद सुविधाओं के अनुसार फीस वसूलनी चाहिए।
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स्कीम के तहत रिटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, सिक्योरिटी और आईटी कोर्स पढ़ाए जाएंगे। स्कूलों में स्किल बेस मैनेजमेंट के तहत इस सत्र से नौवीं व दसवीं के छात्रों को 200 घंटे और 11वीं व 12वीं के छात्रों के लिए 400 घंटे की पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं इस बार से दसवीं की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन होगा।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में बेस असेसमेंट प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों द्वारा तैयार कराए जाने वाले प्रोजेक्ट से पहले संबंधित छात्रों के स्वास्थ्य से लेकर मानसिक स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह व्यवस्था इंटर एक्टिव बेस होगी, जिससे छात्र खुद प्रोजेक्ट तैयार कर सकेंगे। उन्होंने टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव और जेनरेशन गैप को देखते हुए परंपरागत पढ़ाई की जगह एडवांस टेक्नोलॉजी की वकालत की।