इंजीनियरिंग की तैयारी होगी आसान, मुफ्त कोचिंग
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कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस अब इंजीनियर बनने का सपना देख रहे युवाओं की राह में बाधा नहीं बनेगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेंस की तैयारी के लिए पूरा स्डटी मैटेरियल अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
बोर्ड को मिली शिकायतों के अनुसार कोचिंग संस्थान छात्रों से मनमानी फीस वसूलते हैं। छात्रों को स्टडी मैटेरियल महंगे दामों पर बेचा जाता है। इसीलिए बोर्ड ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी से संबंधित पूरी लेक्चर सीरीज वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया है।
साथ ही वीडियो लिंक भी अपलोड किया जाएगा। इंटरनेट के जरिये छात्र आसानी से सभी लेक्चर सुन सकेंगे। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। सूत्रों के अनुसार यह सामग्री दिसंबर में छात्रों को उपलब्ध हो जाएगी।
बोर्ड के देहरादून क्षेत्रीय केंद्र के एक अधिकारी के मुताबिक कोचिंग सेंर्ट्स शहरों तक सीमित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार इन संस्थानों की महंगी फीस के कारण कोचिंग से महरूम रह जाते हैं। यही कारण है कि जेईई मेंस में ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की सफलता का ग्राफ बेहद नीचे है।
हर साल शामिल होते हैं 11 लाख अभ्यर्थी
जेईई मेंस में हर साल करीब 11 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या शहरी छात्रों की होती है। इस साल इस परीक्षा में उत्तराखंड बोर्ड के 50 छात्र ही अच्छी रैंक हासिल कर सके, इनमें से सिर्फ तीन को आईआईटी में दाखिला मिल पाया।
बेहद महंगी है कोचिंग
जेईई मेंस और इसके बाद जेईई एडवांस की कोचिंग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए नामुमकिन सी बात है। कोचिंग संस्थानों में पांच से छह महीने की कोचिंग के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा ज्यादातर संस्थान छात्रों से ही सर्विस टैक्स भी वसूलते हैं।
कुछ संस्थानों की ओर से 20 हजार रुपये तक का स्टडी मैटेरियल भी अलग से छात्रों को बेचा जाता है। कुल मिलाकर एक छात्र को डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है। बोर्ड की ओर से स्टडी मैटेरियल उपलब्ध होने के बाद राह काफी आसान हो जाएगी।