फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cbse open book exam

CBSE: ये कैसा एग्जाम जो बना सिर दर्द

Tue, 27 Aug 2013 02:14 AM IST
लखनऊ/आशीष त्रिपाठी
लखनऊ/आशीष त्रिपाठी Updated Tue, 27 Aug 2013 02:14 AM IST
विज्ञापन
cbse open book exam

व्यवस्था लागू कर दी लेकिन उसे लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन को दूर करने की कोशिश नहीं की गई। खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र-छात्राएं।

विज्ञापन


दरअसल सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) का ओपन बुक एग्जाम स्टूडेंट्स के लिए टेंशन बन गया है।

बोर्ड ने इसे वर्तमान सत्र से लागू कर दिया है, लेकिन अभी तक न तो एग्जाम पैटर्न और ना ही इसके स्टडी मैटीरियल की स्थिति स्पष्ट की है।

वहीं, इस ओपन टेक्स्ट बेस्ड अससेमेंट के आधार पर 20 प्रतिशत अंक भी दिए जाने हैं। ऐसे में नौंवी व ग्यारहवीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है। उधर, सीबीएसई के प्रतिनिधि आगामी एक माह में कुछ स्टडी मैटीरियल उपलब्ध कराने की उम्मीद जता रहे हैं।
विज्ञापन


सीबीएसई ने नौंवी व ग्यारहवीं कक्षा में ओपन बुक एग्जाम सिस्टम लागू किया है। नौवीं में ओपन टेक्स्ट आधारित अससेमेंट हर विषय में लागू होगा। यह मार्च में होने वाले समेटिव असेसमेंट-दो का हिस्सा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


11वीं की मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षा का हिस्सा है । फिलहाल, इसे इकोनॉमिक्स, बायोलॉजी और जॉग्रफी में ही लागू किया जाएगा।

चूंकि, ये पहले बार आयोजित की जा रही है, इसलिए परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स और शिक्षकों दोनों में ही काफी कन्फ्यूजन है। हजरतगंज स्थित एक विद्यालय के छात्र सूरज ने बताया कि हर शिक्षक अपने हिसाब से इस पूरे परीक्षा पैटर्न को बताने में लगा है।

लेकिन, इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। सीबीएसई के सिटी समन्वयक डॉ.जावेद आलम खान ने बताया कि बोर्ड की ओर से स्टडी मैटीरियल उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन, ये कब तक प्राप्त होगा?

फिलहाल, इस संबंध में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। उधर, जानकारों की मानें तो, ओपन बुक टेस्ट अससेमेंट के स्टडी मैटीरियल के लिए अभी छात्र व शिक्षकों को और इंतजार करना पड़ सकता है।

बोर्ड की ओर से स्कूलों को भेजे गए एक पत्र में इस स्टडी मैटीरियल को तैयार किए जाने के संबंध में जानकारी दी है। साथ ही, अगले एक माह तक इसे उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

15-20 प्रतिशत हिस्सा ओपन टेस्ट से
बोर्ड से परीक्षा के कुछ महीने पहले स्कूलों को टेक्स्ट मैटेरियल उपलब्ध कराए जाएंगे। टेस्ट मैटेरियल आर्टिकल, केस स्टडी, रेखाचित्र, कॉन्सेप्ट, कार्टून, चित्र या परिस्थिति आधारित हो सकता है।

इसकी संरचना उसी पाठ्यक्रम पर आधारित होगी जो नौवीं के छात्रों को सेकंड टर्म में पढ़ाया गया है। अवध कॉलिजिएट की प्रिंसिपल जतिंदर वालिया ने बताया कि प्रमुख विषय का 15-20 प्रतिशत हिस्सा ओपन टेस्ट पर आधारित होगा।

इसमें वैल्यू ऐडेड क्वेश्चन भी शामिल किए जा सकते हैं। ओपन टेस्ट असेसमेंट में पूछे जाने वाले सवाल उच्च स्तरीय चिंतन दक्षता पर आधारित होंगे और इनका प्रारूप वैकल्पिक, वस्तुपरक और रचनात्मक हो सकता है। टेक्स्ट मैटेरियल प्रश्न-पत्र के हिस्से के रुप में परीक्षा में उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर उन्हें आंसर लिखना होगा।


समन्वयक की भूमिका में होंगे शिक्षक
शिक्षकों को छात्रों के लिए थ्योरी और व्यवहार आधारित शिक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। उन्हें टेक्स्ट या केस स्टडी ऐसे विकसित करनी होगी कि वह छात्रों को प्रोत्साहित करें।

उनके अंदर विमर्श, विश्लेषण, प्रस्तुतीकरण और आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित हो। राम प्रसाद बिस्मिल मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल राजेश कुमार ने बताया कि शिक्षकों को छात्रों को सीबीएसई से मिले टेक्स्ट मैटेरियल को ग्रुप में भी देने की सुविधा दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed