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शिक्षकों को बीमार कर रही CBSE की पेपर चैकिंग
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Apr 2014 12:56 PM IST
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सीबीएसई की दसवीं कक्षा के पेपरों की इस बार ऑनलाइन चेक हो रही है। लेकिन, शहर के शिक्षक पेपर चेकिंग से पहले कंप्यूटर पर ऑनलाइन चेकिंग के तरीके में ही उलझ गए हैं। इस वजह से उन्हें न केवल चेकिंग में मुश्किलें आ रही हैं, बल्कि वे मैन्युअल तरीके से कम संख्या में प्रति दिन पेपर चेक कर पा रहे हैं।
यहीं नहीं ऑनलाइन चेकिंग के धीमे और उलझे हुए तरीके के कारण कई शिक्षक सरवाइकल और आंखों में दर्द होने की वजह से बीमार हो रहे हैं। क्योंकि वे सुबह आठ से रात आठ बजे तक पेपर चेक कर रहे हैं।
सेक्टर-10 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा के साइंस और हिंदी के पेपर आन लाइन चेक हो रहे हैं। रोजाना 15 पेपर चेक करने के टारगेट को शिक्षक चाहकर भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं और दिन में मात्र तीन से चार पेपर चेक कर पा रहे हैं।
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कंप्यूटर पर चेकिंग में आ रही परेशानी से इन शिक्षकों ने सीबीएसई सेक्टर-5 पंचकूला के रीजनल आफिसर आरजे खांडेराव को भी अवगत करवाया, लेकिन ऑनलाइन तरीके से खासे परेशान इन शिक्षकों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली हैं।
यह है मुख्य समस्या
शिक्षकों ने बताया कि पेपर को कंप्यूटर पर उलझे हुए तरीके से दिया गया है, जो आसान भी हो सकता था। इसमें सवालों को सेशन में बांटा गया है। एक सवाल के पांच भाग हैं, जिसमें हर पार्ट पर क्लिक करना और चेक करने के बाद वापस पहले वाले सवाल पर आना जरूरी है।
हर पार्ट को चेक करने के बाद वापस उस पेज को अलग से सेव करना होता है, जिस वजह से एक सवाल पर ही शिक्षक 19 से 20 क्लिक करने को मजबूर हैं। एक सवाल के पांच भाग को चेक करने के बाद ही शिक्षक उसको मार्क्स दे सकते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यह तरीका आसान हो सकता था, यदि इसमें सिर्फ पेपर और मार्क्स देने का ऑप्शन होता। लेकिन, इसे सेशन में बांटने की वजह से एक पेपर को चेक करने में काफी समय लग रहा है।
बीमार हो रहे शिक्षक
सुबह आठ से रात आठ बजे तक पेपर चेक कर रहे शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस सेंटर से तीन शिक्षकों को सरवाइकल जैसी बीमारी हो चुकी है। शिक्षकों का कहना है कि मैन्युअल ज्यादा आसान तरीका है।
दो बार ठप हुआ सर्वर
ऑनलाइन पेपर चेकिंग में पेपर के सेट पर ही नहीं बल्कि सरवर डाउन होने की वजह से भी शिक्षक परेशान हो रहे हैं। अभी तक दो बार सर्वर डाउन होने से पेपर चेकिंग में समस्या आई है। 25 मार्च से हिंदी और तीन अप्रैल से साइंस के पेपर चेक हो रहे हैं।
कोट
शिक्षकों को आ रही समस्या के बारे में सीबीएसई के रीजनल आफिसर आरजे खांडेराव को बताया गया था। लेकिन अभी तक इस समस्या के प्रति कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
-इंद्रिरा बेनिवाल, प्रिंसिपल
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यहीं नहीं ऑनलाइन चेकिंग के धीमे और उलझे हुए तरीके के कारण कई शिक्षक सरवाइकल और आंखों में दर्द होने की वजह से बीमार हो रहे हैं। क्योंकि वे सुबह आठ से रात आठ बजे तक पेपर चेक कर रहे हैं।
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सेक्टर-10 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा के साइंस और हिंदी के पेपर आन लाइन चेक हो रहे हैं। रोजाना 15 पेपर चेक करने के टारगेट को शिक्षक चाहकर भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं और दिन में मात्र तीन से चार पेपर चेक कर पा रहे हैं।
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कंप्यूटर पर चेकिंग में आ रही परेशानी से इन शिक्षकों ने सीबीएसई सेक्टर-5 पंचकूला के रीजनल आफिसर आरजे खांडेराव को भी अवगत करवाया, लेकिन ऑनलाइन तरीके से खासे परेशान इन शिक्षकों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली हैं।
यह है मुख्य समस्या
शिक्षकों ने बताया कि पेपर को कंप्यूटर पर उलझे हुए तरीके से दिया गया है, जो आसान भी हो सकता था। इसमें सवालों को सेशन में बांटा गया है। एक सवाल के पांच भाग हैं, जिसमें हर पार्ट पर क्लिक करना और चेक करने के बाद वापस पहले वाले सवाल पर आना जरूरी है।
हर पार्ट को चेक करने के बाद वापस उस पेज को अलग से सेव करना होता है, जिस वजह से एक सवाल पर ही शिक्षक 19 से 20 क्लिक करने को मजबूर हैं। एक सवाल के पांच भाग को चेक करने के बाद ही शिक्षक उसको मार्क्स दे सकते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यह तरीका आसान हो सकता था, यदि इसमें सिर्फ पेपर और मार्क्स देने का ऑप्शन होता। लेकिन, इसे सेशन में बांटने की वजह से एक पेपर को चेक करने में काफी समय लग रहा है।
बीमार हो रहे शिक्षक
सुबह आठ से रात आठ बजे तक पेपर चेक कर रहे शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस सेंटर से तीन शिक्षकों को सरवाइकल जैसी बीमारी हो चुकी है। शिक्षकों का कहना है कि मैन्युअल ज्यादा आसान तरीका है।
दो बार ठप हुआ सर्वर
ऑनलाइन पेपर चेकिंग में पेपर के सेट पर ही नहीं बल्कि सरवर डाउन होने की वजह से भी शिक्षक परेशान हो रहे हैं। अभी तक दो बार सर्वर डाउन होने से पेपर चेकिंग में समस्या आई है। 25 मार्च से हिंदी और तीन अप्रैल से साइंस के पेपर चेक हो रहे हैं।
कोट
शिक्षकों को आ रही समस्या के बारे में सीबीएसई के रीजनल आफिसर आरजे खांडेराव को बताया गया था। लेकिन अभी तक इस समस्या के प्रति कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
-इंद्रिरा बेनिवाल, प्रिंसिपल