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CBSE: इस बार 40 हजार छात्र देंगे ‘कड़ी’ परीक्षा

Tue, 20 Jan 2015 10:08 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 20 Jan 2015 10:08 AM IST
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cbse examination.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हो रही हैं। इस बार बोर्ड आधारित दसवीं की परीक्षा में छात्रों का रुझान बढ़ गया है। गत वर्ष के मुकाबले होम पैटर्न वाले छात्रों की संख्या घटी है, हालांकि इस साल भी इन छात्रों की संख्या ही अधिक है।

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सीबीएसई के देहरादून क्षेत्र (रीजन) में उत्तराखंड के अलावा यूपी के 17 जिले भी शामिल हैं। बोर्ड की होम पैटर्न की परीक्षाएं दस मार्च से और बोर्ड पैटर्न की परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हो रही हैं। इस बार पूरे क्षेत्र से बोर्ड पैटर्न में करीब 40 हजार छात्र शामिल होंगे।
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गत वर्ष यह संख्या 35 हजार थी, जबकि होम पैटर्न में इस बार 99 हजार छात्र शामिल होंगे जो कि गत वर्ष करीब एक लाख चार हजार थी। माना जा रहा है कि बोर्ड पैटर्न में छात्रों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
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यह है पैटर्न
सीबीएसई की ओर से ग्रेडिंग लागू करने के बाद छात्रों से परीक्षा का तनाव खत्म करने के मकसद से होम पैटर्न की व्यवस्था भी रखी गई है। इसके तहत छात्र अपने ही स्कूल में अपने शिक्षकों के बीच परीक्षा देते हैं।

उनके शिक्षक ही मूल्यांकन के बाद परिणाम तैयार करते हैं। इन छात्रों का परीक्षा कार्यक्रम भी स्कूल ही तैयार करता है। दूसरी ओर, बोर्ड पैटर्न में पूरा परीक्षा कार्यक्रम, प्रश्नपत्र बोर्ड से ही आता है और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परिणाम भी बोर्ड तैयार करता है।

यह है फायदा
छात्र की अंकतालिका पर होम पैटर्न या बोर्ड पैटर्न लिखा हुआ नहीं आता है, लेकिन 12वीं में दोबारा बोर्ड परीक्षाओं का सामना करने और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिहाज से छात्र बोर्ड पैटर्न का विकल्प चुन रहे हैं। इससे वह दबाव में आकर परीक्षा देते हैं जो कि भविष्य में उनके लिए फायदेमंद साबित होता है।


बोर्ड पैटर्न की ओर छात्रों का रुझान निश्चित तौर पर बढ़ रहा है। छात्र ही नहीं अभिभावक भी चाहते हैं कि उनका बच्चा पहले से ही आगे के प्रतियोगी दौर के लिए तैयार हो।
- बीके सिंह, प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल

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