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आज के टॉपर्स को नहीं पसंद आ रहा 'केमिकल लोचा'

Sat, 31 May 2014 01:01 PM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 31 May 2014 01:01 PM IST
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cbse exam result

सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट की मेरिट में अब साइंस स्ट्रीम का दबदबा टूटने लगा है। यह बदलाव इस बार उभरकर सामने आया है।

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न केवल उत्तराखंड बल्कि यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी इस बार कॉमर्स और आर्ट्स विषयों के छात्र टॉपर बने हैं। विशेषज्ञों की नजर में यह एक नया बदलाव माना जा रहा है।

सीबीएसई 12वीं में एक सप्ताह के भीतर विभिन्न रीजन का परिणाम आया। दिल्ली, देहरादून, इलाहाबाद, पंचकुला रीजन में मेरिट पर कब्जा करने वाले छात्रों की एक बात समान थी।
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साइंस व्यावहारिक, लेकिन कठिन

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ये सभी साइंस स्ट्रीम के फिजिक्स, कैमिस्ट्री के फामूर्लों और मैथ्स के सवालों से पार पाकर चमकने वाले छात्र नहीं थे बल्कि उन्होंने हिंदी, हिस्ट्री, इकोनोमिक्स, कॉमर्स जैसे विषयों को गंभीरतापूवर्क पढ़कर चमक बिखेरी है।

इलाहाबाद रीजन की टॉपर कृति सप्रा, पंजाब राज्य की टॉपर लुधियाना की बबीता भी कॉमर्स (ह्यूमेनिटीज) की छात्रा रही। बृहस्पतिवार को दिल्ली और देहरादून रीजन के परिणाम भी ऐसे ही रहे।

शिक्षाविद् और सीबीएसई बोर्ड से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त शिक्षक दिनेश बड़थ्वाल का कहना है कि साइंस स्ट्रीम के विषय एप्लीकेशन आधारित हो गए हैं। समय की मांग के मुताबिक पाठ्यक्रम में बदलाव हो रहे हैं।

साइंस के विषय व्यावहारिक हो ही रहे हैं, लेकिन इनका कठिनता स्तर भी बढ़ रहा है। इसकी तुलना में आर्ट्स के विषयों में अब भी परंपरागत सिलेबस हैं।

संविधान, अर्थशास्त्र और इतिहास में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है, इसलिए यह परंपराएं कायम रहेंगी। इस लिहाज से अब इन विषयों का स्कोरिंग दायरा तेजी से बढ़ रहा है। क्योंकि इनकी सरलता का स्तर आज भी वैसा ही है।

कॅरियर के बेहतर विकल्प मौजूद

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कॅरियर काउंसलर अमित मित्तल का कहना है कि आर्ट्स और कॉमर्स में निश्चित तौर पर होनहारों का रुझान तो बढ़ा ही है।

उनके पास अब सिविल सर्विसेज, लॉ, सीए जैसे तमाम विकल्प खुले हैं लेकिन आर्ट्स विषयों में हाई स्कोरिंग की एक वजह यह भी है कि अब बोर्ड्स में नंबर बांटने की जैसे होड़ सी लगी है।

अंग्रेजी, सोशियोलॉजी जैसे प्योर थ्योरेटिकल विषयों में भी अब छात्रों को 100-100 नंबर दिए जा रहे हैं। फिर चाहे वह सीबीएसई, आईएससी, यूपी या उत्तराखंड बोर्ड ही क्यों न हो।

इस बार के टॉपर

मुग्धा सेतिया (98.80 प्रतिशत), देहरादून रीजन टॉपर आर्ट्स ह्यूमेनिटीज
जे विक्रम सिंह (98.50 प्रतिशत), देहरादून रीजन में टॉपर ह्यूमेनिटीज
कृति सप्रा (98.20 प्रतिशत), इलाहाबाद रीजन में टॉपर ह्यूमेनिटीज
बबीता (98.20 प्रतिशत), पंजाब राज्य की टॉपर कॉमर्स स्ट्रीम

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