यूपी के स्कूलों को चाहिए ‘घर वापसी’
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सिर्फ एक साल में ही 238 स्कूलों का सीबीएसई के देहरादून क्षेत्र (रीजन) से मोह भंग हो गया है। वर्ष 2012 तक बोर्ड के इलाहाबाद क्षेत्र से संबद्ध रहे उत्तर प्रदेश के ये स्कूल दून क्षेत्र से हटकर ‘घर वापसी’ चाहते हैं।
दून क्षेत्र के पहले परीक्षा परिणाम में सामने आई खामियों को इसकी वजह बताया जा रहा है। मथुरा, हाथरस के ये स्कूल बोर्ड अधिकारियों के समक्ष यह मसला उठा चुके हैं। वर्ष 2013 के अंत में इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय को तोड़कर देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की गई थी।
इसमें उत्तराखंड के 13 जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश के 19 जिले भी शामिल किए गए। वर्ष 2014 की परीक्षाएं दून क्षेत्र ने ही कराई और परिणाम भी जारी किए, लेकिन इनमें आई खामियों से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। विवाद बढ़ा तो बोर्ड को कई दौर के संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने पड़े।
इस अनुभव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के स्कूलों ने दोबारा इलाहाबाद कार्यालय से जुड़ने की मांग उठाई है। बोर्ड सूत्र बताते हैं कि मथुरा के दोनों सीबीएसई सहोदय कांप्लेक्स (स्कूलों के समूह) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेज दिया है, जबकि हाथरस के एक सांसद ने भी इस बाबत केंद्रीय मंत्रालय से बात की है।
इससे हड़कंप मचा हुआ है। बोर्ड ने 28 नवंबर को बैठक बुलाकर इन स्कूलों की घर वापसी की बात तो तय की थी लेकिन इसके बाद मामला लटक गया। इस बीच अभिभावकों की ओर से भी जनप्रतिनिधियों और स्कूलों पर वापस इलाहाबाद रीजन में आने का दबाव बढ़ाया जा रहा है।
दून से जुड़े उत्तर प्रदेश के जिले
अलीगढ़, बागपत, बरेली, बुलंदशहर, बिजनौर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, जेपी नगर, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर, संभल, शामली और हाथरस
1263 स्कूल हैं दून क्षेत्र में
सीबीएसई के देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े हुए उत्तराखंड और यूपी के 19 जिलों के कुल 1263 स्कूल हैं। इलाहाबाद रीजन में अब स्कूलों की संख्या 1023 रह गई है। इतनी बड़ी संख्या के हिसाब से दून क्षेत्र में व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं हैं।
इलाहाबाद से बड़ा हुआ देहरादून
दो मार्च से शुरू हो रही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बोर्ड परीक्षा में इस बार भी देहरादून क्षेत्र (रीजन) से इलाहाबाद क्षेत्र पर भारी पड़ने वाला है। दरअसल, दून क्षेत्र से ढाई लाख से अधिक छात्र दसवीं और 12वीं की परीक्षाएं देंगे, जबकि इलाहाबाद के छात्रों की संख्या इससे करीब 40 हजार कम है।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा केंद्रों के मामले में भी दून क्षेत्र इलाहाबाद से आगे है। दून में कुल 252 परीक्षा केंद्र होंगे, जिनमें से 173 उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में, जबकि 79 उत्तराखंड के 13 जिलों में हैं। इलाहाबाद में परीक्षा केंद्रों की कुल संख्या 191 है।
आंकड़ों पर नजर
दसवीं के परीक्षार्थी
परीक्षा - दून क्षेत्र - इलाहाबाद क्षेत्र
बोर्ड पैटर्न - 40,260 - 41,000
होम पैटर्न - 99,545 - 78,000
कुल - 1,39,805 - 1,19,000
बारहवीं के परीक्षार्थी
परीक्षा - दून क्षेत्र - इलाहाबाद क्षेत्र
नियमित - 1,05,465 - 84600
व्यक्तिगत - 11,397 - 7400
कुल - 1,16,862 - 92000
(नियमित: रेगुलर, व्यक्तिगत: प्राइवेट)
हिंदी, संस्कृत जा रही दूर
बोर्ड परीक्षार्थियों के विषयवार आंकड़े पर नजर डालें तो साफ होता है कि स्कूली छात्र संस्कृत और हिंदी से दूर हो रहे हैं। देहरादून रीजन में सिर्फ 40 छात्र संस्कृत की परीक्षा देंगे, जबकि इलाहाबाद में ऐसे छात्रों की संख्या 400 है।
इसी तरह हिंदी में दून से 25,866 और इलाहाबाद रीजन से 37,000 छात्र बैठेंगे। इसके मुकाबले अंग्रेजी में दून रीजन से 1,10,134 और इलाहाबाद रीजन से 88,100 छात्र परीक्षा में बैठेंगे।
12वीं में विषयवार छात्र
विषय - दून क्षेत्र - इलाहाबाद क्षेत्र
गणित - 68400 - 51500
भौतिक विज्ञान - 67000 - 64000
रसायन विज्ञान - 67500 - 63500
जंतु विज्ञान - 18000 - 16000
बिजनेस स्टडीज - 40570 - 24200
एकाउंटेंसी - 40300 - 24000
इंफार्मेटिक्स प्रैक्टिस - 4700 - 4500
कंप्यूटर साइंस - 10500 - 10000
संस्कृत - 40 - 400
हिंदी - 25866 - 37000
अंग्रेजी - 1,10,134 - 88,100
10वीं में विषयवार छात्र
विषय - दून रीजन - इलाहाबाद रीजन
हिंदी ए - 29891 - 37500
हिंदी बी - 8855 - 1800
गणित - 40200 - 40500
विज्ञान - 40200 - 40375
सामाजिक विज्ञान - 40200 - 40375
अंग्रेजी कम्यूनिकेटिव - 33700 - 30500
अंग्रेजी भाषा - 6503 - 10100