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सीबीएसई बोर्ड ने की पास होने की राह कुछ मुश्किल

Sun, 02 Feb 2014 01:29 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Feb 2014 01:29 PM IST
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CBSE change pattern

ग्रेडिंग प्रणाली लागू होने के बाद परीक्षा को बेहद हल्के में लेने वाले छात्रों के पास होने की राह सीबीएसई बोर्ड ने कुछ मुश्किल कर दी है।

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बोर्ड ने समिटिव असेसमेंट में अंकों की बाध्यता 25 प्रतिशत कर दी है। इस संबंध में एक पत्र बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को भेज दिया गया है।

सीबीएसई की ओर से जारी पत्र के मुताबिक 9वीं से 10वीं में प्रमोशन के लिए हर छात्र को समिटिव असेसमेंट (एसए 1 व 2) में अलग-अलग कम से कम 25 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
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अब छात्र को हर एसए में 60 में से 15 अंक लाने अनिवार्य होंगे। इसके अलावा बोर्ड ने एक सुविधा यह भी दी है कि यदि छात्र एसए 2 के समय पर स्कूल की ओर से किसी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहा है तो एसके एसए 1 के स्कोर को ही एसए 2 के लिए भी मान लिया जाएगा।

यानी अगर उसने एसए 1 में 23 अंक प्राप्त किए थे तो एसए 2 में भी 23 अंक जोड़ लिए जाएंगे।इससे इतर, यदि कोई छात्र किसी वजह से परीक्षा नहीं दे पाता है तो उसे दोबारा मौका दिया जाएगा।

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बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि जो छात्र 25 प्रतिशत के क्राइटेरिया को प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उन्हें दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाएगा।

सीबीएसई की ओर से अगले साल 10वीं में भी यह नियम लागू करने की योजना है। बोर्ड ने ग्रेडिंग पैटर्न को दो सेमेस्टर में बांटा हुआ है, जिसके प्रथम सेमेस्टर में एसए 1 और द्वितीय सेमेस्टर में एसए 2 होता है।

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पहले छात्र को एसए 1 व एसए 2 में कुल मिलाकर 25 प्रतिशत अंक लाने होते थे लेकिन अब अलग-अलग की बाध्यता होने से मुकाबला थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। इससे छात्रों में मेहनत की प्रवृत्ति जागृत होगी।
- बीके सिंह, प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल

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