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अब बच्चे नहीं पहनेंगे लेदर शूज!
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 24 Feb 2014 11:00 AM IST
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सीबीएसई स्कूलों में काले रंग के लेदर शूज अब अनिवार्य नहीं होंगे। सीबीएसई बोर्ड ने एडवाइजरी जारी करते हुए साफ किया है कि स्कूलों को यह बाध्यता समाप्त करनी होगी।
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हजारों सीबीएसई स्कूलों पर होगा असर
पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर पीपुल्स फॉर एनिमल (पीएफए) की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में बोर्ड ने यह सलाह जारी की। 17 जनवरी को भेजे पत्र में संस्था ने कहा था कि पब्लिक स्कूल लेदर के सबसे बड़े कंज्यूमर हैं।
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लेदर शूज की वजह से पर्यावरण को भारी खतरा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि लेदर के बजाय दूसरे जूतों को यूनिफार्म में शामिल किया जाए। बोर्ड की इस सलाह का असर देश के हजारों सीबीएसई स्कूलों पर होगा।
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हालांकि कई स्कूलों का कहना है कि सही विकल्प भी बताया जाए ताकि यूनिफार्म का डेकोरम बना रहे। स्कॉलर्स होम स्कूल की प्रिंसिपल व सीबीएसई बोर्ड सदस्य छाया खन्ना का कहना है कि वैसे तो पहले ही लेदर शूज खत्म हो चुके हैं।
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फिर भी बोर्ड की सलाह है तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्राचार्य दिनेश बड़थ्वाल का कहना है कि लेदर शूज से यूनिफॉर्म का डेकोरम बनता है। हम बोर्ड की सलाह की कद्र करते हैं लेकिन इसका एक अच्छा विकल्प भी पता चलना चाहिए।
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लेदर शूज में हाई टॉक्सिक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल छात्र बल्कि पर्यावरण के लिए भी खतरा है।
- यूसी बोध, उप सचिव, सीबीएसई
मार्केट में ऐसे तमाम शूज आते हैं जो लेदर जैसे ही होते हैं। इनसे पर्यावरण को भी खतरा नहीं होगा और अभिभावकों की जेब पर भी बोझ नहीं बढ़ेगा।
- गौरी मौलेखी, सदस्य सचिव, पीएफए