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डॉक्टर बन माता-पिता का नाम चमकाना चाहती हूं: अंजलि
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 May 2015 02:29 PM IST
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पेपर शुरू हुए ही थे, टाइफाइड हो गया। डाक्टरों ने बेड रेस्ट को कहा, लेकिन टॉपर बनना लक्ष्य था, ताकि डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकूं। ऐसे विपरीत हालत के बावजूद अंजलि ने हिम्मत नहीं हारी और मेडिकल संकाय में 90 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया।
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अंजलि चंडीगढ़ के सेक्टर 19 सी स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्रा हैं। अंजलि ने बताया कि वह आगे चल कर डाक्टर बनना चाहती हैं और गांव में जाकर गरीब मरीजों की सेवा करना चाहती है।
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अपनी सफलता पर अपने मां-पिता व शिक्षकों को श्रेय देते हुए अंजलि ने बताया कि वह कोशिश करेगी कि मां-बाप का मान ऊंचा कर सके और समाज के लिए काम कर सके।
अमर उजाला से बातचीत में अंजलि ने बताया कि हालांकि, उसे उम्मीद थी कि ज्यादा नंबर आएंगे, लेकिन वह इससे हताश नहीं है। आगे वह प्रयास जारी रखेगी, उसने बताया कि वह लगातार आठ आठ घंटे तक पढ़ती ।
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परिवार ने किया सपोर्ट
अंजलि के पिता राजकुमार जिंदल सेक्टर 11 स्थित सरकारी कॉलेज में वरिष्ठ लाइब्रेरियन हैं और मां राजेश कुमारी भी हरियाणा सरकार में कर्मचारी हैं। मध्यम वर्ग के परिवार से संबंध रखने वाली अंजलि बताती हैं कि हर काम में उसे परिवार का सपोर्ट मिला।
वह अपने माता-पिता को ही अपना आदर्श मानती हैं। परिवार ने हमेशा मुझे बेटे की तरह ही रखा। मैं कहना चाहूंगी कि अगर आदमी कुछ भी ठान ले तो वह कर सकता है, क्योंकि मेहनत के आगे सब झुकता है।
बेटी बेटे से भी बढ़कर है
पिता राज कुमार जिंदल व मां राजेश कुमारी ने बताया कि वह बेटी को बेटे तरह की मानती हैं। बेटा निखिल जिंदल बीटेक कर रहा है।
अंजलि की बचपन से ही पढ़ाई में रुचि है, हालांकि हमें उम्मीद थी कि उसके नंबर और ज्यादा आएंगे, लेकिन यह भी अच्छा है। हमने कभी बेटे और बेटी में भेद नहीं किया। बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी भी है और गर्व भी।