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तमाशा बनीं परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Fri, 06 Dec 2013 02:02 AM IST
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परिषदीय स्कूलों में छमाही परीक्षा कराने का निर्देश जारी हो गया लेकिन अभी कॉपी का पता है न पर्चे का। बजट न जारी होने के कारण संसाधनों की व्यवस्था न हो सकी है।
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ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि पर्चे ब्लैक बोर्ड पर उतारे जाएंगे और उनके जवाब लिखने के लिए छात्र-छात्राओं को कॉपियां घर से लानी होंगी।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिखने-पढ़ने के लिए किताबें, पहनने के लिए ड्रेस और खाने के लिए मिड डे मील पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
इसके बावजूद बच्चों को मिल रही शिक्षा की गुणवत्ता पर बराबर सवाल उठाए जाते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता से शिक्षा अधिकारी भी संतुष्ट नहीं हैं।
बीते सप्ताह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने निरीक्षण में भी शिक्षा के स्तर पर चिंता जताई थी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता कहां से सुधरे जब कोई ठोस परीक्षा प्रणाली ही नहीं है।
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परिषदीय स्कूलों की छमाही परीक्षाएं हर साल दिसंबर में आयोजित होती हैं। बीती दो दिसंबर को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने हर वर्ष की तरह परीक्षा कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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पर परीक्षा के लिए बजट जारी नहीं किया है। ऐसे में एक ही सूरत बचती है कि बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिखा जाएगा और कॉपी की व्यवस्था बच्चे को खुद करनी होगी।