{"_id":"c44ed4dc6d2882f732e2ddd74a5a0c92","slug":"campaigning-for-du-election-over-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"डूसू चुनाव: प्रचार खत्म, होगा कड़ा मुकाबला","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
डूसू चुनाव: प्रचार खत्म, होगा कड़ा मुकाबला
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Sep 2014 11:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डूसू चुनाव के लिए चल रहा प्रचार बुधवार को समाप्त हो गया। शुक्रवार को मतदान होगा और शनिवार सुबह मतगणना होगी। इसके बाद चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। प्रचार के आखिरी दिन उम्मीदवारों ने एक कैंपस से दूसरे कैंपस के बीच खूब भागदौड़ की।
विज्ञापन
बुधवार को कैंपस में चारों तरफ पोस्टर और पंफलेट ही दिखाई पड़ रहे थे। प्रचार खत्म होने के बाद सभी हार-जीत का आकलन करने में भी जुट गए हैं। वैसे तो एबीवीपी और एनएसयूआई चारों पदों पर जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।
विज्ञापन
पढ़ें- डीयू: चुनाव से ठीक पहले बड़ा खुलासा!
विज्ञापन
एनएसयूआई मान कर चल रही है कि उनके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गौरव तुषीर व सचिव पद केउम्मीदवार अमित सिद्धु टीमा की स्थिति काफी अच्छी है। अमित को जमीनी स्तर पर काम करने और छात्रों के बीच प्रसिद्ध होने का लाभ मिलता दिख रहा है। इसी पद पर एबीवीपी की कनिका शेखावत उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं।
वहीं, तुषीर की स्थिति भी अच्छी मानी जा रही है। एबीवीपी छोड़कर एनएसयूआई में शामिल हुई मोना चौधरी को उपाध्यक्ष पद का टिकट दिए जाने से मजबूत दावेदार माने जा रहे रॉबिन चौधरी का टिकट कट गया। जिसकेकारण संगठन में अदरुनी मतभेद की बात सामने आ रही है।
पढ़ें- वोट के लिए पकड़ी ‘बाबाओं’ की शरण
संगठन के अंदर के कुछ लोग मान रहे हैं कि यदि रॉबिन को टिकट मिलता तो एनएसयूआई की स्थिति अच्छी हो सकती थी। एबीवीपी भी चारों सीट पर जीत का दावा कर रही है। वहीं अब यह कयास भी लगाए जाने लगे हैं कि इन दोनों प्रमुख संगठनों को किसी एक सीट पर आइसा से चुनौती मिल सकती है।