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Hindi News ›   Chandigarh ›   Bus Pass Compulsion for Chandigarh Students

स्टूडेंट्स के लिए बेहद अहम सरकारी फरमान

Tue, 17 Feb 2015 01:33 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 Feb 2015 01:33 PM IST
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Bus Pass Compulsion for Chandigarh Students

आगामी सत्र से कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को बस पास बनावाना अनिवार्य होगा। स्टूडेंट्स अपने निजी वाहन से कॉलेज और यूनिवर्सिटी नहीं आ पाएंगे। चंडीगढ़ प्रशासन इसके लिए प्रपोजल तैयार कर रहा है। सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रपोजल में शामिल किया जाएगा।

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इस प्रपोजल के पीछे सड़क दुर्घटनाओं को टालना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। अभी तक स्कूल स्टूडेंट्स केलिए बस पास बनवाना एच्छिक है। वह चाहे तो बनवाएं चाहे तो निजी वाहन का प्रयोग कर स्कूल पहुंचे।
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लेकिन, इस प्रपोजल केबाद बच्चों के स्कूल पहुंचने का जरिया बस ही होगा। फिर चाहे वह स्कूल बस हो या फिर सीटीयू की बस। ट्रांसपोर्ट विभाग इसकी अभी से तैयारी में जुट गया है। बकायदा बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। शैक्षणिक संस्थानों के लिए बस रूटों में तो इजाफा होगा ही साथ में चक्कर भी बढ़ेंगे।

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कार पुलिंग के आदेश पहले हो चुके हैं जारी

Bus Pass Compulsion for Chandigarh Students

स्कूल प्रिंसिपल्स केसाथ मीटिंग कर डीसी मोहम्मद शाईन पहले से ही कार पुलिंग सिस्टम लागू करने के आदेश दे चुके हैं। एंबार्क एनजीओ केअनुसार, चंडीगढ़ की सड़कों पर रोजाना 400 नई गाड़ियां उतरती हैं।

ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ती जा रही है। टॉप स्कूलों के गेट केबाहर सुबह और दोपहर के समय लगने वाली गाड़ियों की लंबी कतारों को कम करने के लिए पुलिंग सिस्टम मददगार रहेगा। पुलिंग सिस्टम में एक एरिया के बच्चों को पेरेंट्स बारी-बारी स्कूल पहुंचाएंगे।

साल के अंत तक बसें हो जाएंगी 583
ट्रांसपोर्ट विभाग इस प्रपोजल को लागू करने केलिए बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने में जुट गया है। करीब 200 नई बसें साल के अंत तक सीटीयू को मिल जाएंगी। 41 बसों की रिपलेसमेंट होनी हैं। इसकेबाद सीटीयू केबेड़े में 583 बसें हो जाएंगी। अभी 300 केलगभग बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देकर निजी वाहनों की संख्या को कम करने के लिए प्लानिंग चल रही है। कॉलेज, यूनिवर्सिटी में नए सेशन से बस पास अनिवार्य करवाया जाएगा। इसको लेकर प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। बसों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
भावना गर्ग, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, यूटी

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