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इग्नू को राहत तो जेएनयू की झोली खाली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 Jul 2014 11:13 AM IST
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) प्रबंधन ने खर्च और योजनाओं पर आधारित जितने रुपये की मांग मानव विकास संसाधन मंत्रालय से की थी, उतनी ही राशि उनकी झोली में पहुंची है।
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बजट में इग्नू को 113.50 करोड़ मिले जो पिछले वर्ष से 39.67 करोड़ रुपये अधिक है। कुलपति प्रोफेसर एम. असलम के अनुसार, पिछले वर्ष के मुताबिक ही बजट मिला है।
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हालांकि आंकड़ों को देखकर लगता है कि बजट में 39.67 करोड़ की वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल का बजट भी इग्नू के बजट में शामिल कर दिया गया है।
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प्रोफेसर असलम के मुताबिक, इग्नू को कुल बजट में 113.50 करोड़ रुपये में से 39.67 करोड़ रुपये डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल के यूजीसी को लौटाने होंगे।
वहीं, आर्थिक परेशानी से जूझ रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को बजट से कोई राहत नहीं मिल पाई है। मानव विकास संसाधन मंत्रालय से विशेष मांग के बाद भी जेएनयू को कोई जगह नहीं मिली है।
जेएनयू प्रबंधन के मुताबिक, 12वीं योजना में उन्होंने 1,000 करोड़ की डिमांड रखी थी, लेकिन पिछले वर्ष तक महज 200 करोड़ रुपये ही मिले हैं।