डिग्री के बदले कोई घूस मांगे तो आप भी करें ऐसा...
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20 साल पहले लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज से एलएलबी पास करने वाले कनाडा में रहने वाले एनआरआई को लॉ की डिग्री चाहिए थी।
इसके लिए उनसे परीक्षा विभाग के एक कर्मचारी ने 14 हजार रुपये घूस मांगी। कुछ रकम एडवांस लेने के बावजूद जब कर्मचारी ने डिग्री बनवाने में आनाकानी की तो एनआरआई ने इसकी शिकायत विवि के रजिस्ट्रार से की।
रजिस्ट्रार के आदेश पर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्घ डीएवी पीजी कॉलेज से वर्ष 1994 में रंजीत सिंह ने एलएलबी की पढ़ाई की।
उस समय उन्होंने यूनिवर्सिटी से अपनी लॉ की डिग्री नहीं ली। इस समय रंजीत सिंह कनाडा में व्यवसायी हैं। भारत किसी काम से आए रंजीत सिंह ने सोचा कि लगे हाथ यूनिवर्सिटी से अपनी लॉ की डिग्री भी ले ली जाए।
यूं फंसाया कर्मचारियों ने
इसके बाद वे एलयू के परीक्षा विभाग पहुंचे। यहां पर जब कर्मचारी को पता चला कि वे विदेश में रहते हैं तो उसने इतने वर्ष बाद डिग्री बन पाने में तरह-तरह के अड़ंगे बता दिए।
हालांकि नियमानुसार डिग्री बनवाने के लिए 500 रुपये कैशियर कार्यालय में जमा करने के बाद परीक्षा विभाग में फॉर्म भरकर जमा करना होता है।
फिलहाल जब डिग्री बनने में इतनी रुकावटें दिखीं तो एनआरआई पस्त हो गया। इसके बाद कर्मचारी ने इनके सामने 14 हजार रुपये की पेशकश रख दी।
डिग्री बनवाने के लिए कुछ पैसे एडवांस लेने के बाद भी कर्मचारी डिग्री बनवाकर देने में आनाकानी करने लगा। जब भुक्तभोगी को लगा कि अब उनसे और उगाही हो सकती है तो उन्होंने इसकी तहकीकात शुरू की।
दोषी पर की जाएगी कार्रवाई
उन्हें पता चला कि डिग्री लेने की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें केवल पांच सौ रुपये ही लगते हैं तो उनके होश उड़ गए।
अपने आपको ठगा सा महसूस करने के बाद इस एनआरआई ने हिम्मत दिखाई और मामले की लिखित शिकायत रजिस्ट्रार देवेंद्र कुमार पांडेय से कर दी। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
फिलहाल लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रकरण की अपने स्तर पर जांच करवा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने पर परीक्षा विभाग के आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई हो सकती है।
प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और अगर कर्मचारी दोषी पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी।