शून्य होगा बीपीएड, एमपीएड का शैक्षिक सत्र!
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बैचलर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (बीपीएड) और मास्टर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (एमपीएड) का शैक्षिक सत्र 2015-16 शून्य हो सकता है।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई दो साल कर दी है, फिर भी नया कोर्स डिजाइन नहीं किया गया है।
एडमिशन से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश भी शासन से नहीं मिले हैं। यही वजह है कि एडमिशन के लिए 23, 24 जून को प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के ऑनलाइन, ऑफलाइन फार्म नहीं भरवाए जा सके।
ये फार्म 30 मई 2015 तक भरे जाने थे।छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध 50 बीपीएड और एमपीएड कॉलेज हैं। इनकी आठ हजार से ज्यादा सीटें भरी जाती हैं।
यूनिवर्सिटी कैंपस में भी बीपीएड, एमपीएड की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके बावजूद नया कोर्स डिजाइन करने में लापरवाही की जा रही है।
ये भी है वजह
जिस डिपार्टमेंट को कोर्स बनाने की जिम्मेदारी मिली है, उसने बोर्ड ऑफ स्टडीज की मीटिंग नहीं बुलाई है। इसके चलते आवेदन फार्म भरवाने और शैक्षिक सत्र 2015-16 की एडमिशन प्रक्रिया ठप है।
बताते चलें कि यूनिवर्सिटी कैंपस और उससे संबद्ध कॉलेजों के 42 कोर्स में एडमिशन के ऑनलाइन फार्म भरवाए जा चुके हैं लेकिन इनमें बीपीएड, एमपीएड का नाम नहीं है।
इस कारण टीचर एजूकेशन के इन कोर्स के शैक्षिक सत्र शून्य किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि एनसीटीई ने बीपीएड और एमपीएड की पढ़ाई दो साल कर दी है।
इससे पहले एक साल की पढ़ाई होती थी। नई व्यवस्था चालू शैक्षिक सत्र से लागू होनी है लेकिन इसके लिए कानपुर यूनिवर्सिटी तैयार नहीं है। कोर्स बनाने की जिम्मेदारी फिजिकल एजूकेशन डिपार्टमेंट को मिली है लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं है।
एनसीटीई ने नए कोर्स का फार्मेट, पेपर और प्रैक्टिकल का ब्योरा वेबसाइट (www. ncte.nic.in) उपलब्ध करा दिया है। इसके बावजूद मामला जहां का तहां फंसा है।