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यूपी से बीपीएड करने वालों के लिए बुरी खबर

Fri, 18 Sep 2015 01:31 PM IST
Updated Fri, 18 Sep 2015 01:31 PM IST
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bped education is not available in lucknow university

लखनऊ विश्वविद्यालय की जिद के चलते बीपीएड कोर्स के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का साल बर्बाद होना तय हो गया है। पहले विवि ने बिना मान्यता ही इस कोर्स केलिए आवेदन लिए और अब गुपचुप तरीके से अभ्यर्थियों को फोन कर बुलाया जा रहा है और उनके द्वारा जमा शुल्क का ड्राफ्ट वापस किया जा रहा है।

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सार्वजनिक तौर पर भले ही विवि ने कोर्स न चलाने की घोषणा नहीं की लेकिन अभ्यर्थियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि कोर्स नहीं चलेगा इसलिए वे अपना आवेदन शुल्क वापस ले सकते हैं। इस समय सभी जगह प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। इस कोर्स में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं कि अब उनको कहीं प्रवेश नहीं मिलेगा।
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‘अमर उजाला’ ने 12 सितंबर के अंक में ‘इस साल भी बीपीएड की पढ़ाई मुश्किल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पहले ही आशंका जताई थी कि एलयू में बीपीएड का कोर्स नहीं चलेगा। इस बार एलयू में बीपीएड के लिए 130 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
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एक आवेदक नेहा सिंह ने बताया कि मुझे तो अब तक नहीं पता कि बीपीएड कोर्स नहीं चलेगा और न ही आवेदन शुल्क वापस मिलने की जानकारी है। यदि ऐसा है तो विवि को इसकी सूचना सार्वजनिक करनी चाहिए। अभ्यर्थियों को धोखे में रखकर प्रवेश लिए गए जो गलत है। इस तरह से बिना मान्यता आवेदन के लिए विवि पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

मान्यता बिना ही ले लिए थे आवेदन

bped education is not available in lucknow university

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) द्वारा बीपीएड कोर्स की मान्यता समाप्प्त करने की वजह से पिछले दो साल से यहां बीपीएड के प्रवेश नहीं लिए जा रहे थे। एनसीटीई की नॉर्दन रीजनल कमेटी (एनआरसी) ने 20 से 22 जुलाई, 2015 तक चली 240वीं मीटिंग में लविवि को सत्र 2016-17 से 100 स्टूडेंट्स की यूनिट के बीपीएड बैच की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया।

वहीं एलयू का तर्क था कि उनकी दो साल पहले समाप्त हुई मान्यता को एनआरसी ने वहीं से जीवित (रिवाईव) कर दिया है। ऐसे में वह सत्र 2015-16 से प्रवेश ले सकते हैं। इस संबंध में विवि ने एनसीटीई को पत्र भी लिखा। सूत्रों की मानें तो उसका कोई जवाब अब तक नहीं आया है।

बिना मान्यता की स्थिति स्पष्ट हुए ही विवि ने दो से नौ अगस्त के बीच बीपीएड के लिए ऑफलाइन आवेदन ले लिए, लेकिन किसी का प्रवेश नहीं किया। अब जबकि सभी जगह प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है तो अभ्यर्थियों को कोर्स न चलने की जानकारी देना शुरू किया गया है। खुद लखनऊ विवि और संबद्घ कॉलेजों में भी पीएचडी को छोड़कर अन्य सभी प्रवेश बंद करने की घोषणा की जा चुकी है।

बिना सूचना ही बंद कर दिया कोर्स

जब लविवि को प्रवेश लेने थे तो उसने बकायदा समाचार पत्रों और वेबसाइट के माध्यम से जानकारी दी। आवेदन फॉर्म को डाउनलोड करने के लिए विवि की वेबसाइट पर ही लिंक दिया गया। लेकिन जब कोर्स न चलाने की तैयारी हुई तो उसकी सूचना सार्वजनिक नहीं की गई। बल्कि अभ्यर्थियों को गुपचुप तरीके से फोन पर ये बताने के साथ विवि आकर ड्राफ्ट वापस लेने को कहा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अब तक करीब 40 अभ्यर्थियों को ड्राफ्ट वापस किया जा चुका है। वहीं बहुत से अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनको अब भी नहीं पता कि उनका साल बर्बाद होने वाला है।

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