फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   bord examination helpline

जानिए, कैसे कराएं अपने बच्चे को बोर्ड की तैयारी

Tue, 04 Feb 2014 11:36 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 04 Feb 2014 11:36 AM IST
विज्ञापन
bord examination helpline

बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए शुरू की गई सीबीएसई हेल्पलाइन सेवा पर सवालों का सिलसिला जारी है। सोमवार को रात दस बजे तक छात्रों ने अपनी समस्याओं का समाधान जाना। वहीं बच्चों की परीक्षा के लिए चिंतित अभिभावक भी हेल्पलाइन पर फोन कर सलाह ले रहे हैं।

विज्ञापन


सवाल: अंग्रेजी में कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। जो पढ़ते हैं, भूल जाते हैं।
जवाब: अब एक माह का वक्त ही बचा है। खुद को पॉजिटिव रखें। शुरू से ही अंग्रेजी को लगातार पढ़ेंगे तो निश्चित तौर पर दिक्कत दूर हो जाएगी। अंग्रेजी को समझने की कोशिश करें। चाहें तो पढ़े हिस्से को हिंदी में समझें। बिना समझे अगर रटेंगे तो कुछ याद नहीं रहेगा। अगर कोई लंबा उत्तर है तो उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर तब याद करें।
विज्ञापन


सवाल: जो भी पढ़ते हैं, उसे अगले दिन भूल जाते हैं।
जवाब: लिखकर याद करें या इमेजिन करें कि कोई सामने बैठा है, जिसे आप पढ़कर सुना रहे हैं। इससे तैयारी में निश्चित तौर पर सुधार आएगा।

सवाल: परीक्षा की तैयारी में बहुत आलस आता है। दिन में सुस्ती रहती है और नींद बहुत आती है।
जवाब: घड़ी की तरह हर शरीर की बॉडी क्लॉक होती है। सुबह छह बजे उठने की आदत डाल लेंगे तो धीरे-धीरे बॉडी भी सपोर्ट करना शुरू कर देगी। सही समय पर सोना और उठना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल: कई चैप्टर समझ नहीं आ रहे हैं, उनकी तैयारी कैसे करें।
जवाब: जो चैप्टर इस वक्त नहीं आ रहा है, उसे फिलहाल छोड़ दें। जो पढ़ा हुआ है, उसका भली भांति रिवीजन करें। छुटे हुए चैप्टर को क्लास टीचर की मदद से बाद में पढ़ें।

सवाल: परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल कैसे बनाएं। सुबह पहले कौन सा विषय पढ़ें।
जवाब: रात को उठने के बाद ब्रेन काफी शांत होता है। उस वक्त में अगर मुश्किल टॉपिक्स को हल करने की प्रैक्टिस करें तो ज्यादा बेहतर रहता है। जो कठिन टॉपिक या विषय लगता है तो वह सुबह रखा जा सकता है।


सवाल: मेरा बच्चा पढ़ाई के दौरान म्यूजिक सुनता है। हम उसे मना करते हैं लेकिन वह नहीं मानता।
जवाब: अगर कोई बच्चा शुरू से ही म्यूजिक लगाकर पढ़ रहा है तो उसके ब्रेन को इसकी आदत हो जाती है। बच्चे की आदत अचानक चेंज न करें। वह हल्का म्यूजिक लगाकर पढ़ रहा है तो उसे जारी करने दो।

(बोर्ड की काउंसलर डा. सोना कौशल गुप्ता के पास आए सवाल और उनके जवाब)

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed