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तो क्या नहीं आएंगे 10वीं बोर्ड के रिजल्ट?
सौम्य मिश्र/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 04 Apr 2014 07:44 PM IST
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नोएडा के सीबीएसई में दसवीं की बोर्ड कॉपियों की ऑन लाइन चेकिंग में शिक्षक दिक्कत बता रहे हैं।
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शिक्षकों के सामने बड़ी समस्या कॉपियां डाउन लोड होने को लेकर है। शिक्षकों का कहना है कि कई बार कॉपियां डाउन लोड न होने की वजह से उन्हें बिना चेकिंग के ही लौटना पड़ रहा है।
सीबीएसई ने इस बार दसवीं में बोर्ड का विकल्प चुनने वाले छात्रों की कॉपियों की ऑन लाइन चेकिंग शुरुआत की है। इस नए प्रयोग से शिक्षक परेशान हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों से नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि एक-एक कॉपी कई घंटों में डाउन लोड हो रही है।
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किसी किसी दिन एक भी कॉपी डाउन लोड न हो पाने की समस्या भी सामने आ रही है। इसके बाद भी शिक्षकों को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक केंद्रों पर खाली बैठना पड़ता और फिर बिना चेकिंग के वापस लौटना पड़ता है।
नेहरू इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल एलीना दयाल ने कहा कि हर शिक्षक कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं होता। कई वर्षों से कॉपियों को मिनटों में चेक करने का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को ऑन लाइन कॉपियां चेक करने में घंटों लग रहे हैं।
हालांकि सीबीएसई की ओर से शिक्षकों की ट्रेनिंग दी गई है लेकिन कुछ दिनों की ट्रेनिंग में दक्ष होना आसान नहीं है। परेशान शिक्षक केंद्रों से वापस बुलाने की मांग कर रहे हैं। सीबीएसई की जिला समन्वयक रेनू सिंह ने कहा कि दिशा निर्देशों के मुताबिक एक शिक्षक को एक दिन में 20 कॉपियां चेक करनी है।
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दो दिन पहले स्कूल में कॉपियां डाउन लोड होने में दिक्कत आ रही थी। हालांकि अब दिक्कत पहले की तुलना में कम है और कपियां चेक हो रही हैं। काफी संख्या में कॉपियां चेक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था की शुरुआत में दिक्कत होना लाजमी है।
पड़ रहा है दोगुना दबाव
शिक्षकों ने कहा कि ऐसे स्कूल जिनमें शिक्षकों की संख्या कम है, वहां के शिक्षकों पर दो गुना दबाव है। कॉपियां डाउन लोड न होने पर भी उन्हें केंद्रों पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक रोका जा रहा है। इन्हीं शिक्षकों को दसवीं में बोर्ड का विकल्प नहीं चुनने वाले बच्चों की कॉपियां भी चेक करनी है। इसके अलावा कक्षा नौंवी की कॉपियां भी चेक की हैं। यदि यह कॉपियां समय पर चेक नहीं होती हैं, तो रिजल्ट में देरी के लिए भी शिक्षकों को ही दोष दिए जाने की बात कहीं जा रही है।