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बीटेक-एमटेक बायोटेक्नोलॉजी में ड्यूल डिग्री खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 25 Feb 2016 04:04 AM IST
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आईपी यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2016-17 के तहत बीटेक-एमटेक बायो टेक्नोलॉजी में ड्यूल डिग्री खत्म कर दी है। नए सत्र के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को बीटेक के बाद संयुक्त प्रवेश परीक्षा दिए बगैर सीधे एमटेक में दाखिला नहीं मिलेगा।
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बीटेक के आखिरी साल में यदि छात्र का नाम मेरिट में रहता है, तो फिर एमटेक बायो टेक्नोलॉजी में सीट कनफर्म होगी। विवि ने 17 साल के बाद प्रोग्राम में बदलाव किया है। अब एमटेक बायो टेक्नोलॉजी में गेट स्कोर के आधार पर दाखिला मिलेगा।
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आईपीयू प्रबंधन के मुताबिक, वर्ष 1999 में बीटेक-एमटेक इंटीग्रेडेट इन बायो टेक्नोलॉजी प्रोग्राम शुरू हुआ था। हालांकि करीब दस साल पहले इस प्रोग्राम का नाम बदलकर बीटेक-एमटेक बायो टेक्नोलॉजी ड्यूल डिग्री हो गया था, लेकिन वर्ष 2016 में बीटेक-एमटेक बायो टेक्नोलॉजी ड्यूल डिग्री खत्म हो रही है।
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विवि प्रबंधन के मुताबिक, बीटेक-एमटेक बायो टेक्नोलॉजी ड्यूल डिग्री में जिन छात्रों ने वर्ष 2015-16 के तहत दाखिला लिया था, वे ही ड्यूल डिग्री के तहत एमटेक में सीधे दाखिला ले सकेंगे। हालांकि दाखिला गेट स्कोर के आधार पर तैयार मेरिट से ही होगा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बीटेक-एमटेक बायो टेक्नोलॉजी ड्यूल डिग्री खत्म करने का निर्णय अपने फायदे के लिए लिया है, ताकि उनका एमटेक बायो टेक्नोलॉजी प्रोग्राम का रिजल्ट मेरिट में रहे।
ड्यूल डिग्री खत्म होने से अब अन्य विश्वविद्यालयों से बीटेक करने वाले छात्र एमटेक बायो टेक्नोलॉजी में दाखिला आवेदन पत्र भर सकेंगे। पहले विवि में एमटेक बायो टेक्नोलॉजी में सीधे दाखिला नहीं होता था, बल्कि बीटेक से पास आउट छात्रों को ही सीट मिलती थी।
बीटेक में मेरिट लेने वाले छात्र एमटेक में दाखिले के लिए अन्य विश्वविद्यालयों का रुख कर लेते थे और एवरेज छात्र ही आईपीयू के एमटेक में दाखिला लेते थे, जिससे विवि का रिजल्ट बेहद अच्छा नहीं था।