{"_id":"6aecb5406f09edf22ee95f3065a4da29","slug":"biometric-attendance-in-uttarakhand-colleges-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो अगले हफ्ते से गुरुजी लगाएंगे अंगूठा","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
...तो अगले हफ्ते से गुरुजी लगाएंगे अंगूठा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 04 Dec 2014 11:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल हाईकोर्ट और शासन की सख्ती के बाद अब अगले हफ्ते से शिक्षक और कर्मचारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू हो जाएगी। कॉलेजों ने इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है।
विज्ञापन
15 दिसंबर से हट जाएंगे रजिस्टर
डीएवी कॉलेज में आठ दिसंबर से बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू होगी। 15 के बाद रजिस्टर हटा लिए जाएंगे। एसजीआरआर, एमकेपी में सोमवार से बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू हो सकती है। बुधवार को इस बाबत एक पत्र शासन की ओर से कॉलेजों को भेजा गया।
विज्ञापन
इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत कॉलेजों को जल्द बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू करनी है। देरी पर कॉलेज इसके जिम्मेदार होंगे। डीएवी प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने बताया कि आठ दिसंबर से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन
पांच और छह दिसंबर को कर्मचारियों और शिक्षकों के अंगूठे के निशान लिए जाएंगे। आठ से 13 दिसंबर तक बायोमैट्रिक और रजिस्टर दोनों पर हाजिरी होगी। 15 दिसंबर से रजिस्टर हट जाएंगे। डीबीएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओपी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि तैयारियां पूरी हैं, 13 दिसंबर तक बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू करा देंगे। एमकेपी में बुधवार को बायोमैट्रिक मशीन लगाई गई।
प्राचार्य डॉ. इंदु सिंह ने बताया कि दस दिसंबर से पहले बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू कर देंगे। एसजीआरआर पीजी कॉलेज प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई ने बताया कि दस दिसंबर तक हाजिरी शुरू करा दी जाएगी। 16 दिसंबर को मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई है, जिसमें सरकार को बायोमैट्रिक हाजिरी की पूरी रिपोर्ट पेश करनी है।
बीए में 36 फीसदी अंक वाले भी दाखिल
डीएवी कॉलेज में 175 फर्जी दाखिलों के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। मेरिट से दाखिला होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने फर्जी दाखिलों में सारी सीमाएं लांघ दी।
गढ़वाल विवि के 40 फीसदी नंबर की अनिवार्यता दरकिनार कर कॉलेज प्रशासन ने 36 फीसदी नंबरों वाले छात्रों को भी बीए में दाखिला दे डाला। अब प्राचार्य ने एडमिशन समिति से जुड़े शिक्षकों को नोटिस जारी करने की बात कही है।
डीएवी में अनुमन्य सीटों से ऊपर दाखिलों में एडमिशन कमेटी बुरी तरह घिरी नजर आ रही है। दाखिला देने वालों ने मेरिट तो दूर जरूरी योग्यता भी जानने की कोशिश नहीं की। नतीजा यह हुआ कि गढ़वाल विवि के 12वीं में कम से कम 40 प्रतिशत अंकों के नियम को तोड़ते हुए बीए में 35, 36 प्रतिशत वाले छात्रों को भी दाखिला दे दिया गया।
वहीं, इन फर्जी दाखिलों को रद्द न करने या कहीं और एडजस्ट करने की मांग को लेकर बुधवार को फिर छात्रसंघ अध्यक्ष पारस गोयल समेत कई छात्र नेता प्राचार्य कार्यालय पहुंचे। कहा कि एडमिशन के बाद जब छात्रों को आई कार्ड जारी हो चुका है तो अब जिम्मेदारी कॉलेज को लेनी चाहिए।
नियम तोड़कर एडमिशन करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने जल्द ऐसे शिक्षकों को नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में आशीष बहुगुणा, जितेंद्र रावत मोनी, भगवती प्रसाद आदि रहे।
दाखिले खारिज करने की मांग
एसएफआई पंकज बड़वाल और एनएसयूआई की स्वाति नेगी ने प्राचार्य से मांग की कि सभी फर्जी दाखिले तत्काल रद्द किए जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। छात्र संघ सहसचिव वंदना गुसाईं ने कहा कि मिलीभगत से ही दाखिले हुए हैं। प्राचार्य ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।