पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के 17 हॉस्टल में छात्र संगठनों द्वारा फंड में हेराफेरी के आरोपों के बाद पीयू प्रशासन अब पारदर्शिता सिस्टम शुरू करने की तैयारी में है।
हॉस्टल फंड से जुड़े सभी फैसलों में अब हॉस्टल रेजिडेंट और पीयू छात्र काउंसिल को भी शामिल किया जाएगा। छात्र संगठनों के कड़े विरोध के बाद वर्षों से हॉस्टल के नाम से जमा लाखों की एफडी तोड़ी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कई हॉस्टल के नाम 50 लाख तक की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) है, जबकि छात्र संगठन एफडी सीमा 20 लाख से अधिक नहीं चाहते हैं। इस मामले पर जल्द ही कुलपति द्वारा गठित कमेटी फैसला लेगी। इससे छात्रों को राहत की उम्मीद है।
पीयू हॉस्टल में ऑनलाइन होगी अलॉटमेंट
पीयू के 17 हॉस्टल में 6500 स्टूडेंट्स के रहने की व्यवस्था है। पीयू प्रशासन आगामी सत्र से सभी हॉस्टल की अलॉटमेंट ऑनलाइन करने की तैयारी में है और इस संबंध में पीयू प्रशासन द्वारा डीएसडब्ल्यू कार्यालय को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
हॉस्टल अलॉटमेंट में मेरिट की अनदेखी पर हर साल छात्र संगठन एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। एडमिशन प्रक्रिया के समय ही पीयू हॉस्टल में खाली सीटों की जानकारी ऑनलाइन कर दी जाएगी।
किसी भी छात्र को पीयू से दूसरी डिग्री करने पर हॉस्टल नहीं दिया जाएगा, क्योंकि कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कई विभागों में दाखिला ले लेते हैं।