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बीएड की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ा झटका

Sat, 21 Mar 2015 12:04 PM IST
Updated Sat, 21 Mar 2015 12:04 PM IST
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bed seats will be decreased in himachal.

हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में बीएड की सीटें घट सकती हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ टीचिंग एजूकेशन (एनसीटीई) की नई गाइडलाइन के मुताबिक प्रदेश में बीएड/एमएड सीटों के यूनिट छोटे-बड़े होने हैं। पहले जो सौ सीटों का यूनिट संस्थानों को मिलता था, वह बीएड डिग्री दो साल की होने पर सिर्फ 50 सीटों का रह जाएगा।

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ऐसे में छात्रों को एडमिशन पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। जिन निजी और सरकारी संस्थानों में एमएड कोर्स चल रहे हैं, वहां एक यूनिट में सीटों की संख्या 35 से बढ़कर 50 होनी है। प्रदेश के सभी बीएड कॉलेजों ने नए मानकों और नियमों के तहत कोर्स चलाने के शपथपत्र एनसीटीई को दे दिए हैं।
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एनसीटीई के नए नियम लागू होने पर प्रदेश विवि पीजी सेंटर परिसर के शिक्षा विभाग और धर्मशाला में चल रहे एचपीयू के शिक्षा विभाग में पहले से चल रही बीएड की सीटें भी कम होंगी।
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इक्‍डोल पर भी चल सकती है कैंची

bed seats will be decreased in himachal.

इक्डोल की बीएड सीटों पर भी कैंची चल सकती है। विवि के अपने इन संस्थानों में कितनी सीटें घटेंगी या बढ़ेंगी, इस पर एनसीटीई ही अंतिम फैसला देगा। इसके बाद ही स्थिति साफ होगी कि प्रदेश के 72 निजी और तीन सरकारी क्षेत्र के विवि के चल रहे बीएड/एमएड संस्थानों में कितनी सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा होगी।

उधर, विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र चौहान ने कहा कि एनसीटीई के आदेशों की मुताबिक ही दो साल का बीएड कोर्स की सीटें तय होंगी। इस पर एनसीटीई का जो भी फैसला होगा, उसे लागू किया जाएगा।

नई गाइडलाइन में दूरवर्ती शिक्षण संस्थानों से एमएड नहीं करवाई जा सकती है। एचपीयू के इक्डोल की अब तक भरी जाने वाली बीएड की 450 सीटें भी कम हो सकती हैं। हालांकि एचपीयू धर्मशाला, ऊना, मंडी, नाहन सहित एक और स्थान पर अपने स्टडी सेंटर में नियमित पीसीपी की व्यवस्था कर दो वर्षीय बीएड डिग्री कोर्स को जारी रखने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए 31 मार्च तक शपथपत्र देना होगा।

हर संस्थान को लेनी होगी एनओसी

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प्रदेश में विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 72 निजी बीएड कॉलेजों और तीन सरकारी संस्थानों को अपने संस्थानों का निरीक्षण करवाने को निर्धारित फीस जमा करवाने पर एनओसी लेनी पड़ेगी। एनसीटीई उसके बाद ही संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएं और स्टाफ के आधार पर ही यूनिट और सीटें आवंटित करेगा।

बीएड आर्ट्स और कॉमर्स की सीटें क्रमश: 15 और 5 कुल 20 सीटें और नॉन मेडिकल की 50 सीटें, मेडिकल की 30 सीटें कुल मिलाकर सौ सीटें बीएड कोर्स की है। एमएड की तीस सीटें भरी जाती रही हैं। एचपीयू के धर्मशाला स्थित शिक्षा विभाग में है 235 सीटें हैं। इनमें नॉन मेडिकल में 160, आर्ट्स और कॉमर्स में 75 सीटें हैं।

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