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बीएड कॉलेजों को झटका, सरकार ने सीटें बढ़ाने से किया इंकार

Sat, 02 May 2015 07:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 02 May 2015 07:00 PM IST
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BEd colleges shock, the government has refused to increase seats.
प्रदेश के निजी बीएड कॉलेजों को अतिरिक्त सीटें नहीं मिलेंगी। सरकार ने नए बीएड पाठ्यक्रमों को अतिरिक्त सीटें देने से मना कर दिया है। मौजूदा संस्थान राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नियमन-2014 के अनुरूप एकीकृत पाठ्यक्रम अपना सकते हैं। प्रदेश में वर्तमान में 72 बीएड कॉलेज हैं।
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इनमें 8200 से अधिक सीटें हैं। शुक्रवार को शिमला में निजी शिक्षण संस्थान नियमन आयोग की ‘हिमाचल प्रदेश में गुणवत्तायुक्त अध्यापक शिक्षा के लिए दूरदृष्टि का विकास’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने स्थिति स्पष्ट की।
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उन्होंने अध्यापक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए बेहतर मानदंड तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान आयोग अध्यक्ष सरोजनी गंजू ठाकुर, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य सुनील शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक दिनकर बुराथोकी सहित निजी शिक्षा महाविद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
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शिक्षण संस्थानों के घटते स्तर पर चिंता

BEd colleges shock, the government has refused to increase seats.

कार्यशाला में दाखिला प्रक्रिया के सरलीकरण, निरीक्षण से संबंधित मुद्दे, संबद्धता एवं प्रशासन पर चर्चा की गई। शिक्षण संस्थानों के घटते स्तर पर भी चिंता जताई गई।

निजी महाविद्यालयों ने संशोधित पैटर्न अपनाने को समय देने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश विवि को हितधारक संस्थानों से विचार-विमर्श कर एनसीटीई के निर्देशों के अनुरूप नया सिलेबस बनाने और दाखिला प्रक्रिया के सरलीकरण तथा अन्य अकादमिक पहलुओं पर चर्चा की गई।

30 तक लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन
डा. चौहान ने कहा कि 2015-16 अकादमिक सत्र के लिए एकीकृत पाठ्यक्रम सहित पाठ्यक्रमों की मान्यता को ऑनलाइन आवेदन 30 मई तक लिए जाएंगे।

एनसीटीई को आवेदन सौंपने से पहले संबद्ध निकाय और विवि का अनापत्ति प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। एनसीटीई ने बीएड/एमएड और बीपीएड अध्यापक शिक्षा कार्यक्रमों की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष की है।

अब सीधे कारण बताओ नोटिस

BEd colleges shock, the government has refused to increase seats.

अकादमिक सत्र 2015-16 से बीएड पार्ट टाइम, 4 वर्ष की अवधि का बीए बीएड और बीएससी बीएड एकीकृत कार्यक्रम, तीन वर्ष की अवधि का बीएड एमएड एकीकृत कार्यक्रम शामिल किए हैं। इस सत्र से बीई और बीटेक योग्यता वाले छात्र-छात्राएं भी बीएड में प्रवेश ले सकते हैं।

नए नियमों की अनुपालना न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सीधे कारण बताओ नोटिस जारी होगा। त्रुटि पत्र जारी करने के प्रावधान समाप्त कर दिए गए हैं।

एनसीटीई के क्षेत्रीय निदेशक डा. एसके चौहान ने संबद्ध विश्वविद्यालयों की ओर से बताए गए नियमों एवं योग्यता में बार-बार छूट देने पर चिंता जताई। सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों में एक स्तर कायम करने की जरूरत पर बल दिया।

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