फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   become graduate with uttarakhand open university

कभी स्कूल नहीं गए फिर भी बन सकते हैं ग्रेजुएट

Fri, 07 Mar 2014 01:28 PM IST
नवीन सक्सेना/ अमर उजाला, हल्द्वानी
नवीन सक्सेना/ अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 07 Mar 2014 01:28 PM IST
विज्ञापन
become graduate with uttarakhand open university

आप आठ पास नहीं, हाईस्कूल पास नहीं, इंटर पास नहीं तो क्या हुआ। आप इन सब प्रमाणपत्रों के बगैर भी ग्रेजुएट हो सकते हैं।

विज्ञापन


पढ़ें, चुनाव की घोषणा से पहले रावत ने दी युवाओं को सौगात

यदि आप साक्षर हैं और आपकी उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक है तो आप उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) से बीए, बीकॉम और बीसीए की डिग्री ले सकते हैं।

पढ़ें, उत्तराखंड में पिछली बार इनके सिर सजा था ताज
विज्ञापन


यूओयू दूरस्थ स्थानों पर रहने वाले लोगों को उच्चशिक्षा से जोड़ने के मकसद से यह पाठ्यक्रम चला रहा है। स्नातक की डिग्री हासिल करने के लिए व्यक्ति को बैचलर डिग्री प्रीप्रेट्री प्रोग्राम यानी कि छह माह का ब्रिज कोर्स करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन कोर्स में ले सकते हैं एडमिशन

become graduate with uttarakhand open university

बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन प्रीप्रेट्री प्रोग्राम (बीसीए), बैचलर ऑफ कॉमर्स प्रीप्रेट्री प्रोग्राम (बीकॉम) और बैचलर ऑफ आर्टस प्रीप्रेट्री प्रोग्राम (बीए) में एडमिशन लेना पड़ेगा।

पढ़ें, चार बेटियों ने पिता को मुखाग्नि देकर ऋण उतारा

इस ब्रिज कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्रा को यूओयू की ओर से पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी तथा छह माह बाद बीए पीपी, बीसीए पीपी और बीकॉम पीपी के कोर्स के आधार पर परीक्षा होगी।

पढ़ें, अपने ही मंत्रियों से रावत का 36 का आंकड़ा

इसे पास करते ही विद्यार्थी को स्नातक पाठ्यक्रम में एडमिशन मिल जाएगा। बीए, बीएसए और बीकॉम तीन वर्षों में करने के बाद विद्यार्थी को स्नातक की डिग्री मिल जाएगी। इस वर्ष भी स्नातक करने के लिए ब्रिज कोर्स की 192 लोग परीक्षा दे रहे हैं।

अब तक तीन हजार ले चुके हैं एडमिशन

become graduate with uttarakhand open university

यूओयू द्वारा संचालित किए जा रहे बीए पीपी, बीसीए और बीकॉम पीपी का ब्रिज कोर्स कर अब तक तीन हजार विद्यार्थी स्नातक पाठ्यक्रम में पढ़ाई कर डिग्री प्राप्त कर चुके हैं।

पढ़ें, चुनाव की घोषणा से पहले रावत ने दी युवाओं को सौगात

वर्ष 2010-11 में 1463 विद्यार्थी, वर्ष 2011-12 में 1002 विद्यार्थी और वर्ष 2012-13 में 414 विद्यार्थियों ने ब्रिज कोर्स कर स्नातक में प्रवेश लिया है। इसकी फीस 1100 और 1700 रुपए है।

पढ़ें, उत्तराखंड में पिछली बार इनके सिर सजा था ताज

यूओयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गोविंद सिंह का कहना है कि ब्रिज कोर्स के माध्यम से स्नातक की शिक्षा देने का पाठ्यक्रम केवल लोगों को उच्चशिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

पढ़ें, चार बेटियों ने पिता को मुखाग्नि देकर ऋण उतारा

कक्षा एक पास किए बगैर भी छात्र-छात्रा ब्रिज कोर्स कर बीए, बीसीए या बीकॉम कर सकते हैं। स्नातक करने के बाद वे किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर कर सकते हैं, लेकिन इस डिग्री के आधार पर सरकारी विभाग में नौकरी के लिए दावा नहीं किया जा सकता।

समूह ग की भर्ती को परेशान

become graduate with uttarakhand open university

यूओयू से ब्रिज कोर्स के जरिये बीए, बीकॉम की डिग्री हासिल करने वाले दर्जनों युवाओं ने समूह ग की नौकरी के लिए आवेदन किया है।

पढ़ें, हरीश रावत ने उत्तराखंड को दिए 14 नए विभाग

हल्‍द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज स्थित यूओयू के स्टडी सेंटर पर बताया जा रहा है कि यह डिग्री सरकारी विभाग में नौकरी के लिए आवेदन करने में मान्य नहीं है।

पढ़ें, चार बेटियों ने पिता को मुखाग्नि देकर ऋण उतारा

कक्षा पांच पास या हाईस्कूल फेल लोगों के लिए यह पाठ्यक्रम काफी फायदेमंद है। किसी वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर सके लोगों को ब्रिज कोर्स कर बीए या बीकॉम कर ग्रेज्युएट कहलाने का मौका अवश्य मिल रहा है।

पढ़ें, अपने ही मंत्रियों से रावत का 36 का आंकड़ा

इससे उनकी घर-परिवार एवं समाज में भी इज्जत बढ़ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed