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बीबीएयू के स्टूडेंट्स अब कर सकेंगे मेडिकल रिसर्च

Fri, 23 Jan 2015 01:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 23 Jan 2015 01:57 PM IST
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BBAU student can do medical research also.

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि अब संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एसजीपीजीआई) व सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट (सीमैप) के साथ मिलकर जॉइंट रिसर्च करेगा।

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टीचिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। वर्कशॉप, सेमिनार व ट्रेनिंग प्रोग्राम आदि का आयोजन भी होगा। गुरुवार को बीबीएयू, एसजीपीजीआई और सीमैप के बीच मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया गया।
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बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती, एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. राकेश कपूर और सीमैप के निदेशक डॉ. अनिल त्रिपाठी के बीच एमओयू साइन किया गया है। पीजीआई के साथ तीन साल और सीमैप के साथ 10 साल का एमओयू साइन किया गया है।
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बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने बताया कि पीजीआई के साथ साझा शोध किया जाएगा। साथ ही मिलकर नए टीचिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। मेडिकल के क्षेत्र में क्या नया रिसर्च हो इस पर मिलकर दोनों संस्थान सेमिनार, वर्कशॉप व ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाएंगे।

पीजीआई और बीबीएयू के स्टूडेंट्स साथ में करेंगे रिसर्च

BBAU student can do medical research also.

जॉइंट रिसर्च प्रोग्राम के तहत दोनों संस्थान अपने-अपने प्रोजेक्ट एक साथ इंटरनेशल व नेशनल फंडिंग एजेंसी को भेजेंगे। रिसर्च का टॉपिक पीजीआई व बीबीएयू के एक्सपर्ट आपस में मिलकर तय करेंगे। दोनों ही संस्थान के रिसर्च स्टूडेंट्स एक-दूसरे के साथ संस्थान में जाकर आसानी से रिसर्च वर्क पूरा करेंगे।

लाइब्रेरी में बुक्स, रिसर्च जर्नल व रिफ्रेंस मैटेरियल आसानी से जुटा सकेंगे। बीबीएयू और एसजीपीजीआई के बीच तीन साल का एमओयू हुआ है। वहीं, बीबीएयू और सीमैप के बीच 10 साल का एमओयू साइन किया गया है।

इसके तहत सीमैप व बीबीएयू के  रिसर्च स्कॉलर एक-दूसरे संस्थान में रिसर्च करेंगे। पीएचडी के लिए दोनों संस्थानों की फैकल्टी एक-दूसरे के रिसर्च स्कॉलर का गाइड और को-गाइड बन सकेंगे।

रिसर्च पूरा होने पर दोनों ही संस्थानों को बराबर क्रेडिट मिलेगा। रिसर्च के लिए सीमैप की प्रयोगशाला का प्रयोग करेंगे। दोनों ही संस्थान एक-दूसरे के रिसर्च स्कॉलर व फैकल्टी के लिए बराबर संसाधन उपलब्ध करवाएंगे।

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